फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: मां की डांट से नाराज छठी की छात्रा ने फंदा लगाकर दी जान, परिजनों में मचा कोहराम

Wed, 02 Aug 2023 08:32 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

प्रयागराज जिले के मांडा के मूल निवासी संजन पांडेय अपनी पत्नी सुधा पांडेय, दो बेटियों और एक बेटे के साथ बीते 18 महीने से बघेली टोला में किराये पर रहते हैं। संजन पांडेय इलाके की पशु आहार फैक्ट्री में भूसी सप्लाई का काम करते हैं। संजन सुबह अपने दोस्तों के साथ दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल गए थे। 
विज्ञापन
up 112 - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बघेली टोला में रहने वाली कक्षा छह की छात्रा ने मंगलवार को मां की डांट से नाराज होकर फंदा लगाकर जान दे दी। मासूम के आत्मघाती कदम से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। सूचना पाकर रामनगर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।

विज्ञापन


प्रयागराज जिले के मांडा के मूल निवासी संजन पांडेय अपनी पत्नी सुधा पांडेय, दो बेटियों और एक बेटे के साथ बीते 18 महीने से बघेली टोला में किराये पर रहते हैं। संजन पांडेय इलाके की पशु आहार फैक्ट्री में भूसी सप्लाई का काम करते हैं। संजन सुबह अपने दोस्तों के साथ दर्शन-पूजन के लिए विंध्याचल गए थे। उनके जाने के बाद स्कूल जाने में आनाकानी करने पर सुधा पांडेय ने अपनी दूसरे नंबर की बेटी रुचि पांडेय (12) को डांट दिया था। मां की डांट के बाद रुचि अपने कमरे में स्कूल जाने के लिए तैयार होने लगी।
यह भी पढ़ें- वाराणसी में झमाझम बारिश: काशी का मौसम हुआ सुहावना, ठंडी हवा के साथ बरसे बदरा, उमस से राहत
विज्ञापन

उसकी मां कमरे से बाहर निकलीं तो उसने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सुधा पांडेय के काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने संजन को बताया। संजन ने कहा कि जाने दो, घर आने पर मैं दरवाजा खुलवा कर बात करूंगा। देर शाम जब संजन घर पहुंचे तो वह दरवाजा खुलवाने का प्रयास करने लगे, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। काफी प्रयास के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो अनहोनी की आशंका में उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस अंदर से बंद दरवाजे को कटर मशीन मंगा कर कटवाई। पुलिस के साथ संजन और सुधा अंदर घुसे तो बेटी को फंदे से लटका देख सन्न रह गए। इस संबंध में रामनगर थानाध्यक्ष भरत उपाध्याय ने कहा कि शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
 

विज्ञापन

फांसी - फोटो : social media
आक्रामकता के कारण को पहचानना जरूरी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि सिंह ने कहा कि मौजूद परिवेश में प्रत्येक बच्चे के हाथ में मोबाइल होने के कारण वह आभासी दुनिया से बहुत ही प्रभावित रहते हैं। बच्चों के मन के भीतर की आक्रामकता के कारण को पहचानना जरूरी है। इसके लिए उनसे लगातार संवाद बनाए रखना चाहिए। अगर बच्चे के मन में किसी बात को लेकर गुस्सा या परेशानी है तो उसकी भावनाओं को समझते हुए उसका समाधान करना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें