काशी विद्यापीठ के अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभागों में डॉ. भीमराव आंबेडकर की पुस्तक एनीहिलेशन ऑफ कास्ट को इस सत्र से पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ओमप्रकाश वाल्मीकि की लिखी पुस्तक जूठन एक आत्मकथा को भी पढ़ाया जाएगा। रविवार को अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नलिनी श्याम कामिल ने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर द्वारा लिखी गई यह पुस्तक विद्यार्थियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत कई कोर्स में बदलाव हो रहे हैं। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की लिखी यह पुस्तक बहुत महत्वपूर्ण है और इसे सभी को पढ़ना चाहिए। डॉ. नवरत्न सिंह का कहना है कि इस तरह की प्रमाणिक रचनाओं का अध्ययन अपने आप में समाज सुधारने का कार्य करता है। ऐसी रचनाओं को पाठ्यक्रम में शामिल करना गौरव की बात है।