बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल के पास स्थित अन्नपूर्णा भोजनालय नौ दिनों के बाद शनिवार को खुल गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को राहत मिल सकेगी। 18 मार्च को परिसर के कुछ छात्रों के हंगामे के चलते व्यवस्थापक ने इसे बंद कर दिया था। आरोप था कि कुछ छात्र होली मिलन समारोह के लिए जबरन चंदा मांग रहे थे।
मीडिया में खबर आने के बाद बीएचयू प्रशासन ने इस मसले को संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को छात्रों को चेतावनी जारी की थी। इसके अगले दिन विश्वविद्यालय प्रशासन की पहल पर भोजनालय खोला गया। अन्नपूर्णा भोजनालय में 20 रुपये में भरपेट खाना मिलता है। अस्तपाल में भर्ती मरीज और उनके परिवारीजनों के साथ ही दो हजार से अधिक लोग नियमित रूप से इस यहां खाना खाते हैं। भोजनालय बंद होने से मरीजों और तीमारदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मालूम हो कि परिसर में अराजक तत्वों के हुड़दंग के चलते व्यवस्थापक ने नोटिस चस्पा कर अन्नपूर्णा भोजनालय 18 मार्च की शाम को बंद कर दिया था। नोटिस में साफ लिखा था कि विश्वविद्यालय के कुछ अराजक छात्रों द्वारा चंदा वसूली और यहां के मैनेजर से मारपीट के विरोध में भोजनालय बंद करने का निर्णय लिया गया है।