बीएचयू में पांच दिवसीय अंतर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पंदन-2015’ का उद्घाटन करने आए फिल्म अभिनेता अनिल कपूर को अपने बीच पाकर युवाओं का उत्साह आसमान छूने लगा। तालियों की गूंज के बीच उन्हें करीब से देखने के लिए छात्रों में होड़ लगी रही।
स्वागत से अभिभूत ‘मिस्टर इंडिया’ ने बीएचयू परिसर के वातावरण की तारीफ की तो छात्रों को गुरुजनों, माता-पिता की इज्जत और दोस्तों की मदद करने की नसीहत दी। साथ ही इस प्यार और जोश से कॅरियर ही नहीं, देश और समाज के बेहतर निर्माण की राह सुझाई।
शाम 4:20 बजे अनिल कपूर जैसे ही एंफीथिएटर ग्राउंड में बने मंच पर पहुंचे तो पूरा पंडाल तालियों और हर हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा। महोत्सव के उद्घाटन के बाद अनिल ने युवाओं को संबोधित किया। कहा कि मैं ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं हूं। मुझे यूनिवर्सिटी में पढ़ने का मौका नहीं मिला। आप भाग्यशाली हैं कि दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय में पढ़ रहे हैं। इतना हरा-भरा विश्वविद्यालय मैंने नहीं देखी।
कहा कि अपने इस जोश, उत्साह और प्यार को अपने कॅरियर के लिए ही नहीं, देश के लिए, अपने बनारस के लिए और अपनी इस यूनिवर्सिटी के लिए सदैव बरकरार रखें। साथ ही अपने शिक्षकों, अभिभावकों और सीनियर्स की इज्जत करें तथा दोस्तों की मदद करें। आपकी ये खूबियां देश को सशक्त बनाएंगी। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आप ही भविष्य हैं।
दस साल बाद समाज और देश कहां होगा, यह आप पर निर्भर है। प्रो. प्रवेश कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि का परिचय दिया। स्वागत प्रो. वीएन त्रिपाठी, धन्यवाद छात्र अधिष्ठाता प्रो. एमके सिंह ने ज्ञापित किया। संचालन लक्ष्मण गुप्ता व कृति त्रिपाठी ने किया।