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काशी में तैयार होगा महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभेद्य कवच

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सेफ सिटी परियोजना के तहत काशी में महिलाओं की सुरक्षा के लिए अभेद्य कवच तैयार किया जाएगा। महिलाएं कहीं भी निडर होकर आ जा सकेंगी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि 50 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना बनाई गई है। शासन को परियोजना की फाइल भेज दी गई है।
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सेफ सिटी परियोजना में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला पुलिस कर्मियों के ऊपर ही होगी। उनके पास पिंक स्कूटर और एसयूवी वाहन होगा। जिससे वह शोहदों पर नजर रखेंगी। महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट भी बनेंगे। ऐसे इलाकों को चिन्हित किया जाएगा। जहां महिलाओं का आवागमन रहता है। उनके लिए खतरा रहता है मगर, रोड लाइट नहीं हैं। कहीं पर उसकी रोशनी बहुत कम है। इन सड़कों पर शाम बाद तेज रोशनी के इंतजाम किए जाएंगे।
84 घाटों, प्रमुख चिन्हित स्थलों पर 160 कैमरे लगेंगे। हर घाट पर दो-दो कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में पहले से ही 2200 कैमरे लगाए गए हैं। बसों में कैमरे और पैनिक बटन भी होंगे। जगह-जगह महिला पुलिस कियोस्क बनेंगे। जहां महिला पुलिस कर्मी तैनात होंगी। परियोजना पर निगाह रखने के लिए वूमेन पॉवर लाइन 1090 की क्षमता दोगुनी कर दी जाएगी। महिला कर्मियों को लाने ले जाने के लिए बस और एसयूवी भी होंगी।
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केंद्र 40 राज्य 60 प्रतिशत खर्च करेगी धन
केंद्र सरकार की सेफ सिटी परियोजना में केंद्र 40 और राज्य सरकार 60 प्रतिशत रकम खर्च करेगी। इसमें बनारस, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, अलीगढ़, अयोध्या, मथुरा, शाहजहांपुर, सहारनपुर, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, आगरा, गोरखपुर, झांसी, बरेली सेफ सिटी बनेंगे।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में होंगे 60 पिंक बूथ
सेफ सिटी में स्कूल और भीड़ वाली जगहों पर 60 पिंक बूथ स्थापित होगा। हर एक बूथ पर दो महिला कर्मचारी की तैनाती होगी। बूथ में वर्क स्टेशन के साथ ही रहने की भी व्यवस्था रहेगी। बूथ में सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे। शहर में केवल महिलाओं के लिए 50 अत्याधुनिक पिंक टॉयलेट का निर्माण भी होगा।
सेंट्रल कमांड सेंटर से होगी निगरानी
सेंट्रल कमांड सेंटर की भी सेफ सिटी प्रोजेक्ट में अहम भूमिका होगी। काशी में यदि कोई महिला मुसीबत में है तो उसकी गुहार इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में भी पहुंचेगी। जहां सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन इत्यादि की निगरानी होती रहेगी। किसी भी अपराध में लिप्त असामाजिक तत्व को पलक झपकते ही पकड़ा जा सकेगा।
रेलवे स्टेशन और रोडवेज के पास बनेगा स्मार्ट वुमेन शेल्टर होम
काशी में आने वाली महिलाओं के लिए रेलवे स्टेशन व रोडवेज के पास स्मार्ट वुमेन शेल्टर होम होगा। कई बार ऐसा देखा गया है कि गरीब महिलाएं काशी में आ जाती है, लेकिन उनके पास पैसे नहीं होते हैं। ऐसी महिलाओं के लिए ये शेल्टर होम काफी मददगार साबित होगा। इसकी क्षमता करीब 20 लोगों के रुकने की होगी। इस शेल्टर होम में किचन, टॉयलेट टेलीविजन समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
पिंक बोट पेट्रोलिंग करेगी पुलिस
विश्वभर के सैलानी काशी के घाटों का नजारा देखने के लिए बोटिंग करते है। घाटों पर सुबह-ए-बनारस के साथ पर्यटकों का आवागमन शुरू हो जाता है, जो देर रात तक चलता है। गंगा में वाराणसी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, पुलिस की मदद से पिंक बोट पेट्रोलिंग करेगी। इस बोट में फर्स्ट ऐड, लाइफ जैकेट जैसी जीवन रक्षक उपकरण मौजूद रहेंगे। पिंक बोट में महिला पुलिस रहेगी। इन बोटों में जीपीएस भी लगा होगा।
सेफ सिटी परियोजना का उद्देश्य
सेफ सिटी परियोजना का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनाना है। ताकि वे लिंग आधारित हिंसा, उत्पीड़न के खतरे के बिना सभी अवसरों का पीछा कर सकें। इसका उद्देश्य सुरक्षित शहरी बुनियादी ढांचा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक कुशल पहुंच प्रदान करना है। इसके लिए सरकार ने 2919.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। पहले चरण में सभी बड़े शहरों में इस पर काम होगा।
प्रदेश के सभी नगर निगमों में सेफ सिटी परियोजना
महिला सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई समीक्षा में सभी नगर निगमों में सेफ सिटी परियोजना लागू करने की योजना पर सहमति बनी थी। इस बार परियोजना का खाका तैयार करने का जिम्मा मंडलायुक्त को दिया गया है, जबकि पहले यह खाका पुलिस विभाग तैयार करता था।
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