बीएचयू दीनदयाल पीठ की ओर से शनिवार को दो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को दीनदयाल उपाध्याय अमृत महोत्सव सम्मान से नवाजा गया। 103 वर्षीय बच्ची देवी और 95 वर्षीय फूलेना देवी को उनके घर जाकर स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र दिया गया।
सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने कहा कि दीनदयाल पीठ की ओर से आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में 75 स्वतंत्रता संग्राम कर्मवीरों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया था। इसी क्रम में दो स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की खोज कर उन्हें सम्मानित किया गया। अब तक सात कर्मवीरों का सम्मान किया जा चुका है। दोनों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने महात्मा गांधी और पं. मदनमोहन मालवीय को देखा है। दोनों महापुरुष इनके घर गए हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने बताया कि उन्होंने अपने हाथ से महापुरुषों को भोजन कराया है। जब हमारे घर मालगुजारी वसूल करने अंग्रेज आए तो हम नहीं दे सके। अंग्रेज सारे मवेशी खोल कर ले गए। सरकार की ओर से आज भी पेंशन दिया जाता है। इस दौरान डॉ. अनूप कुमार मिश्र, डॉ. भारती मिश्र, विकास त्रिपाठी, शुभम मिश्र, सुमित सिह और विवेक उपाध्याय मौजूद रहे।