कोर्ट के आदेश पर कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रीय कारागार के विचाराधीन कैदी बृजेश कुमार सिंह उर्फ अरुण ने स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य चुनाव (एमएलसी) के लिए दो सेट में नामांकन किया।
बुधवार को कलेक्ट्रेट के एडीएम प्रशासन कोर्ट में बृजेश की पत्नी और वर्तमान एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह ने भी दो सेट में पर्चा दाखिल किया।
उधर, लोकदल के प्रत्याशी जयराम पांडेय ने पर्चा खरीदा। इससे पहले सपा प्रत्याशी अमीरचंद पटेल भी पर्चा खरीद चुके हैं।
सुबह से ही कलेक्ट्रेट और कचहरी परिसर में बृजेश के नामांकन को लेकर खासी गहमागहमी नजर आई। सवा एक बजे वज्र वाहन से बृजेश को कलेक्ट्रेट लाया गया। पुलिस के घेरे में उन्हें नामांकन कक्ष में पहुंचाया गया।
इस दौरान किसी भी व्यक्ति को नामांकन कक्ष के आसपास खड़ा नहीं होने दिया गया। पुलिस की घेरेबंदी ऐसी थी कि जो जहां था वही ठहर गया। किसी के भी हिलने पर पुलिस वाले अलर्ट हो जा रहे थे।
छतों पर भी फोर्स लगाई गई थी।
एडीएम प्रशासन कोर्ट में पहले बृजेश ने और बाद में उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने नामांकन किया। नामांकन करने के बाद पुलिस के घेरे में बृजेश को वज्र वाहन में बैठाकर केंद्रीय कारागार तक पहुंचाया गया।
इस दौरान उनके समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। नामांकन के दौरान परिवार की ओर से सकलडीहा के विधायक सुशील सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह के अलावा अन्य लोग मौजूद रहे।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम प्रशासन सीताराम गुप्त के अनुसार अब तक कुल चार प्रत्याशियों ने पर्चा खरीदा है। इनमें से दो प्रत्याशियों ने नामांकन किया है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी दयाशंकर उपाध्याय के अनुसार 15 फरवरी तक नामांकन प्रक्रिया सुबह 11 से 3 बजे तक चलेगी। 16 को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 18 फरवरी को नाम वापसी के बाद 3 मार्च को मतदान और छह मार्च को मतगणना होगी।