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गजब! रेलवे आरक्षण काउंटर से पहले दलाह बुक कर ले रहे टिकट, खुलेआम हो रही कालाबाजारी

Sun, 12 Jan 2020 12:02 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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रेलवे की आरक्षण प्रणाली में घुसपैठ कर टिकटों की जमकर कालाबाजारी की जा रही है। रेलवे आरक्षण काउंटरों से कंफर्म के बजाय वेटिंग टिकट जबकि एजेंटों के यहां से धड़ाधड़ एक साथ 300 टिकटों की कंफर्म बुकिंग एडवांस में की जा रही है। कह सकते हैं कि एक बार में पूरी बोगी एजेंट हाईजैक कर ले रहे हैं।

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बंगलूरू से ईजाद एक खास तरह के साफ्टवेयर की बदौलत एजेंटों ने रेलवे को मात दे दी है। इस समय यह खेल कैंट स्टेशन व विद्यापीठ रोड स्थित एक होटल सहित अन्य कई साइबर कैफे में धड़ल्ले से चल रहा है। इसके पीछे एजेंट यात्रियों से 600 से 1200 रुपये प्रति टिकट वसूल रहे हैं।

एडवांस टिकट में सबसे अधिक हो रहा खेल

रेल यात्रियों की सहूलियत को देखते हुए भारतीय रेलवे ने एडवांस टिकट रिजर्वेशन 60 दिनों से बढ़ाकर 90 दिनों तक का किया है। हाल यह है कि मार्च में पड़ने वाली होली व अप्रैल की शुरुआती गर्मी की छुट्टियों तक का टिकट एजेंटों ने अभी से ही बुक कर लिया है।

नई दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, राजस्थान, गुजरात, सूरत, नार्थ ईस्ट आदि प्रांतों से बनारस सहित पूर्वांचल की ओर लौटने वालों को अब ट्रेनों में कंफर्म बर्थ नहीं मिल रही। मुंबई की लगभग सभी ट्रेनें फुल हो गई हैं। यह सेंधमारी रेलवे की एडवांस रिजर्वेशन पीरियड यानि कि एआरपी सुविधा में तेजी से की जा रही है। जैसे ही एआरपी खुलता है, बुकिंग शुरू हो जाती है। फर्जी आईडी से एजेंट टिकट बुक करते है और त्योहार करीब आने पर मनमाने रेट पर बेचते हैं।

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Online Train Ticket Apps - फोटो : Self

ऐसे हो रहा गोलमाल

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगिन आईडी पर महीने में छह टिकट बनाने की सुविधा मिलती है। पर, एजेंट फर्जी नामों से सैकड़ों आईडी बनाते हैं। उदाहरण के तौर पर एक एजेंट ने 200 फर्जी आईडी बना लीं तो छह टिकट माह के हिसाब से 1200 तक टिकट एडवांस में बुक करता है।

त्योहार व गर्मियों की छुट्टियों में टिकटों की मारामारी अधिक होती है। ऐसे में दलाल फिर टिकटों को मुंहमांगे दाम पर बेचते हैं। फर्जी आईडी से एडवांस में टिकट बुक करने के बाद जिस नाम से टिकट बुक कराया जाता है यात्रा को उसी नाम की फर्जी आईडी या आधार कार्ड तक बनाकर दे देते हैं।

 

ट्रेन - फोटो : अमर उजाला

कैंट स्टेशन और विद्यापीठ रोड के पास चल रहा रैकेट

बनारस में करीब 400 से अधिकृत एजेंट है, जो अपने अंडर में सब एजेंट भी बनाते हैं। इसमें बड़ी संख्या में फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने वाले हैं। कैंट रेलवे स्टेशन स्थित होटलों व इंग्लिशिया लाइन, विद्यापीठ रोड स्थित एक होटल में यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है।

यहां फर्जी आईडी वालों का रैकेट फैला हुआ है। इन गिरोह का एक सदस्य तत्काल के समय कैंट रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर के आसपास मंडराता रहता है और निराश यात्रियों को विश्वास में लेकर 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेकर कंफर्म बर्थ दिलाता है।
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- फोटो : amar ujala

आरपीएफ ने पकड़े साल भर में 45 दलाल

कैंट स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर अनूप सिन्हा ने बताया कि साल भर में करीब 45 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया तो फर्जी आईडी पर टिकट की कालाबाजारी करते थे। रेल टिकटों में कालाबाजारी करने, फर्जी आईडी से टिकट बनाने या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के मामले आरपीएफ धारा 143 में मुकदमा दर्ज करती है। इसके तहत टिकट दलाली करते हुए पकड़े जाने पर एक महीने की सजा या पांच हजार रुपये का जुर्माना लिया जाता है।
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