Online Train Ticket Apps
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ऐसे हो रहा गोलमाल
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर लॉगिन आईडी पर महीने में छह टिकट बनाने की सुविधा मिलती है। पर, एजेंट फर्जी नामों से सैकड़ों आईडी बनाते हैं। उदाहरण के तौर पर एक एजेंट ने 200 फर्जी आईडी बना लीं तो छह टिकट माह के हिसाब से 1200 तक टिकट एडवांस में बुक करता है।
त्योहार व गर्मियों की छुट्टियों में टिकटों की मारामारी अधिक होती है। ऐसे में दलाल फिर टिकटों को मुंहमांगे दाम पर बेचते हैं। फर्जी आईडी से एडवांस में टिकट बुक करने के बाद जिस नाम से टिकट बुक कराया जाता है यात्रा को उसी नाम की फर्जी आईडी या आधार कार्ड तक बनाकर दे देते हैं।
कैंट स्टेशन और विद्यापीठ रोड के पास चल रहा रैकेट
बनारस में करीब 400 से अधिकृत एजेंट है, जो अपने अंडर में सब एजेंट भी बनाते हैं। इसमें बड़ी संख्या में फर्जी आईडी का इस्तेमाल करने वाले हैं। कैंट रेलवे स्टेशन स्थित होटलों व इंग्लिशिया लाइन, विद्यापीठ रोड स्थित एक होटल में यह कार्य धड़ल्ले से चल रहा है।
यहां फर्जी आईडी वालों का रैकेट फैला हुआ है। इन गिरोह का एक सदस्य तत्काल के समय कैंट रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर के आसपास मंडराता रहता है और निराश यात्रियों को विश्वास में लेकर 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त शुल्क लेकर कंफर्म बर्थ दिलाता है।
आरपीएफ ने पकड़े साल भर में 45 दलाल
कैंट स्टेशन के आरपीएफ इंस्पेक्टर अनूप सिन्हा ने बताया कि साल भर में करीब 45 ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया गया तो फर्जी आईडी पर टिकट की कालाबाजारी करते थे। रेल टिकटों में कालाबाजारी करने, फर्जी आईडी से टिकट बनाने या सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने के मामले आरपीएफ धारा 143 में मुकदमा दर्ज करती है। इसके तहत टिकट दलाली करते हुए पकड़े जाने पर एक महीने की सजा या पांच हजार रुपये का जुर्माना लिया जाता है।