प्रकृति का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति की हर चीज अनुशासित है। इसलिए वह हर स्तर पर सफल है। जो प्रकृति का अनुशासन नहीं मानते वह लक्ष्य से भटक जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत करें और परा के साथ अपरा विद्या पर भी ध्यान दें।
जिला विद्यालय निरीक्षक देवकी सिंह ने मेधावी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अभिभावक व शिक्षक बधाई के पात्र हैं जिनके बच्चों ने सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि ये बच्चे भविष्य में ऐसी सफलता हासिल करें कि उनके परिवार के साथ ही समाज व देश का नाम भी रोशन हो।
डैफोडिल्स पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर अमरदीप सिंह ने मेधावी बच्चों को शुभकामना दी और कहा कि विद्यार्थियों को डीएम व एसपी के साथ डीआइओएस ने जो नसीहत दी है उस पर वह मनन करें। क्योंकि यह केवल सीख ही नहीं है यह अनुभव है और उनको इसका लाभ उठाना चाहिए।
सुबह 10 बजे से ही शुरू हो गया था पंजीकरण :
समारोह के लिए अभिभावकों व बच्चों का पहुंचना सुबह से ही शुरू हो गया था। पहले उनका पंजीकरण हुआ और उसके बाद अतिथियों के आने पर उनका सम्मान किया गया। मेधावियों को प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किए गए। इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। अमर उजाला की ओर से अतिथियों को तुलसी का पौधा स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
कक्षा 12 के सुरेंद्र सिंह सोहेल ने कहा कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन करना बहुत जरूरी है। प्रतिदिन अध्ययन करने का यह लाभ होता है कि सिर पर बोझ नहीं रहता। शिक्षकों की सलाह समय- समय पर लेना अति आवश्यक है।
कक्षा 12 के ही सत्यम सिंह ने बताया कि परीक्षा के समय दिमाग को हल्का रखना चाहिए। इसीलिए नियमित अध्ययन करना चाहिए। इससे घबराहट नहीं होती। देश- विदेश की जानकारी के लिए अमर उजाला अच्छा अखबार है।
कक्षा 10 के छात्र सत्यम कुमार का कहना है कि विद्यालय की पढ़ाई विषय वस्तु को तैयार करने के लिए पर्याप्त होती है। इसके साथ ही यह जरूरी है कि लोग स्वत: ही अध्ययन करें। पढ़ाई के बीच में मनोरंजन करने से भी मस्तिष्क हल्का रहता है। संध्या पटेल ने कहा कि मेरे घर से विद्यालय कुछ दूरी पर है। इसलिए आने जाने में परेशानी होती थी लेकिन घर वालों के सहयोग से पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं हुई। स्कूल में भी टीचरों ने इतनी अच्छी तैयारी करा दी कि परीक्षा के समय कोई डर नहीं लगा।