कोरोना के बढ़ते मामले को देख जरूरी है कि समय पर टीकाकरण कराया जाए। कोविड प्रोटोकॉल का पालन भी सभी के सेहत के लिए हितकर है। बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसा इसलिए कि बड़ों के मुकाबले बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। अधिक से अधिक बच्चों को टीका लगाया जा सके, इसके लिए चिकित्सकों के संगठनों की ओर से अपील की जा रही है। संगठन के पदाधिकारियों के साथ ही महाअभियान में एसोसिएशन के सदस्य भी अपनी भागीदारी कर रहे हैं।
एडिशनल सीएमओ डॉ. एके मौर्या ने कहा कि बच्चों के टीके की दोनों डोज समय पर लगवाना बहुत जरूरी है। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग काउंटर भी बनाए गए हैं। विभाग के स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से भी बच्चों के टीकाकरण के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चल रहा है।
भारतीय बाल अकादमी वाराणसी शाखा के अध्यक्ष डॉ. आलोक भारद्वाज ने कहा कि कोरोना का इस समय वाला वैरियंट प्रभावी है, वह जानलेवा नहीं है। कुछ बच्चों में सांस की नली में संक्रमण से परेशानी हो रही है। अभिभावक उनका जल्द टीकाकरण कराएं। बाल अकादमी भी अपील कर रहा है।
इंडियन डेंटल एसोसिएशन (वाराणसी शाखा) के सचिव डॉ. अमर अनुपम ने कहा कि टीका लगाने से शरीर में हर्ड इम्यूनिटी बनी रहती है। ऐसे में बड़ों के साथ ही बच्चों का टीकाकरण जरूरी है। टीके की दोनों डोज अगर समय पर लग जाएंगी तो बच्चों को संक्रमण का खतरा कम रहेगा।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (वाराणसी शाखा) के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि पांच से बारह साल के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत जल्द की जा सकती है। हर उम्र के बच्चों को टीकाकरण के रूप में सुरक्षा कवच मिल जाएगा। एसोसिएशन की ओर से जागरूक किया जा रहा है।