गाजीपुर
गाजीपुर में 100 से अधिक उद्यमी, व्यापारी, अधिवक्ता, महिला, किसान, युवा और नौकरीपेशा लोगों से बातचीत की गई। इसमें 75 फीसदी ने कानून का समर्थन और 25 फीसदी ने विरोध किया। कारोबारियों में 90 फीसदी पक्ष और 10 फीसदी विपक्ष, 70 प्रतिशत किसानों ने पक्ष और 30 प्रतिशत ने विपक्ष, 75 फीसदी उद्यमियों ने समर्थन और 25 फीसदी ने विरोध, 75 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने पक्ष में तो 25 फीसदी ने विपक्ष में, 85 फीसदी युवाओं ने समर्थन और 15 फीसदी ने विरोध तथा 65 फीसदी महिलाओं ने इस कानून का समर्थन तथा 35 फीसदी ने विरोध, 75 फीसदी वकीलों ने समर्थन तो 25 ने विरोध और 65 फीसदी डॉक्टरों ने इसका समर्थन और 35 फीसदी ने विरोध किया।
आजमगढ़
आजमगढ़ में विभिन्न समुदायों के 100 से अधिक लोगों से रायशुमारी की गई। इसमें व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा, महिलाओं, वकील आदि वर्ग के लोग शामिल रहे। इसमें 75 फीसदी लोगों ने पक्ष में राय दी। हालांकि 90 फीसदी मुसलमानों ने इस कानून का विरोध किया। रायशुमारी में 70 फीसदी व्यापारी पक्ष और 30 फीसदी विपक्ष, नौकरी पेशा लोगों ने 80 फीसदी पक्ष में, 20 फीसदी विपक्ष, किसानों में 80 फीसदी पक्ष, जबकि 20 फीसदी विपक्ष, वकीलों में 70 फीसदी पक्ष तथा 30 प्रतिशत ने विरोध, जबकि महिलाओं में 75 फीसदी पक्ष तथा 25 फीसदी ने विपक्ष में राय दी।
मऊ
मऊ में विभिन्न समुदायों के 100 लोगों से बातचीत की गई। इसमें व्यापारी, युवा, किसान, नौकरीपेशा आदि वर्ग के लोग शामिल रहे। कुल 60 फीसदी लोगों ने कानून का समर्थन तथा 40 फीसदी ने विरोध किया। इसमें 20 युवाओं में 14 ने पक्ष तथा 6 ने विरोध, 10 वकीलों में सात ने समर्थन तथा तीन ने विरोध, 10 व्यापारियों में छह ने समर्थन तथा चार ने विरोध, 10 किसानों में आठ ने समर्थन तथा दो ने विरोध, 20 बुनकरों में एक ने समर्थन तथा 19 ने विरोध, 10 शिक्षकों में आठ ने पक्ष तथा दो ने विरोध, 10 डॉक्टरों में सात ने समर्थन तथा तीन ने विरोध तथा 10 महिलाओं में नौ ने समर्थन तथा एक ने कानून के विरोध में राय दी।
मिर्जापुर
मिर्जापुर में 250 किसानों, व्यवसायियों, युवाओं, उद्यमियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों से बात की गई। 93 फीसदी किसानों ने सीएए के पक्ष में जबकि सात फीसदी विपक्ष में, 95 फीसदी उद्यमियों ने समर्थन तथा पांच फीसदी विरोध में, 92 फीसदी व्यापारियों ने समर्थन तथा आठ फीसदी ने विरोध में, 91 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने समर्थन तथा नौ फीसदी ने खिलाफ, जबकि 88 फीसदी युवाओं ने पक्ष में तथा 12 फीसदी ने विरोध में राय दी। 87 प्रतिशत मुस्लिमों ने विरोध और 13 प्रतिशत ने समर्थन किया।
सोनभद्र
सोनभद्र में उद्यमी, व्यापारी, किसान, नौकरीपेशा वर्ग के 100 लोगों से बातचीत की गई। इसमें 87 फीसदी लोगों ने कानून के पक्ष में राय दी। इसमें 90 फीसदी उद्यमियों ने पक्ष, 10 फीसदी ने विरोध, 85 फीसदी व्यापारियों ने पक्ष और 15 प्रतिशत ने विपक्ष, 95 प्रतिशत किसानों ने समर्थन तथा पांच फीसदी ने विरोध तथा 80 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने कानून का समर्थन तथा 20 फीसदी ने विरोध किया। उधर, 90 प्रतिशत मुस्लिमों ने इसके विरोध में जबकि
जौनपुर
जौनपुर में नागरिकता संशोधन कानून से जिले के ज्यादातर लोग सहमत हैं। युवा, व्यापारी, चिकित्सक, महिला, अधिवक्ता सहित अन्य वर्गों के बीच कुल 120 लोगों से की गई। इसमें 104 लोगों ने इस पर सहमति जताई। 16 लोगों ने असहमति जताई। राय देने वालों में 15 किसान, 10 महिला, 20 व्यापारी, 12 चिकित्सक, 25 युवा, 14 अधिवक्ता और 24 नौकरीपेशा शामिल हैं। मुस्लिम वर्ग के ज्यादातर लोग इससे असहमत हैं। 95 फीसदी किसान पक्ष, पांच फीसदी विरोध में, 80 फीसदी व्यापारी समर्थन तथा 20 फीसदी विरोध में, 80 फीसदी डॉक्टर पक्ष तथा 20 फीसदी विरोध, 70 फीसदी वकील पक्ष तथा 30 फीसदी विरोध, 90 फीसदी युवा पक्ष तथा 10 फीसदी विरोध, जबकि 80 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने समर्थन तथा 20 फीसदी ने विरोध किया। हालांकि महिलाएं इस कानून से पूरी तरह सहमत हैं।
भदोही
भदोही जिले में सीएए पर विभिन्न वर्ग के 100 लोगों से रायशुमारी की गई। 70 फीसदी लोगों ने पक्ष में और बाकी ने विपक्ष में राय दी। इसमें 70 फीसदी नौकरीपेशा पक्ष में और 30 विपक्ष में, 60 फीसदी महिलाएं पक्ष और 40 फीसदी विपक्ष, 75 फीसदी व्यवसायी पक्ष और 25 फीसदी विपक्ष, 70 फीसदी वकील समर्थन जबकि 30 फीसदी विरोध में और 80 प्रतिशत किसानों ने इस कानून का समर्थन किया, जबकि 20 फीसदी ने विरोध में राय दी। मुस्लिम समुदाय से जुड़े लगभग सभी लोगों ने इस कानून से असहमति जताई।
चंदौली
चंदौली में इसमें उद्यमी, व्यापारी, राजनीतिक, किसान, नौकरीपेशा आदि सभी वर्गों के 100 से अधिक लोगों से बातचीत की गई। इसमें 71 फीसदी ने पक्ष और 29 फीसदी लोगों ने विरोध में राय दी। उद्यमियों में 80 फीसदी पक्ष और 20 फीसदी विपक्ष में, 70 फीसदी व्यापारी पक्ष और 30 फीसदी विपक्ष में, 70 फीसदी किसान पक्ष और 30 फीसदी विपक्ष में, 80 फीसदी नौकरीपेशा लोगों ने पक्ष और 20 ने विपक्ष तथा महिलाओं में 60 प्रतिशत ने समर्थन तथा 40 फीसदी ने विरोध में राय दी।