समर्थकों संग तथाकथित संत राजेंद्र प्रसाद मध्य में
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उत्तर प्रदेश के भदोही में एक कथित संत ने अपने आश्रम में जौनपुर की एक किशोरी को बंधक बना लिया। पुलिस जब किशोरी को छुड़ाने के लिए गई तब कथित संत व कुछ लोगों ने पुलिस का विरोध किया। पुलिस ने इसके बाद भी किशोरी को आश्रम से छुड़ाया।
पुलिस ने किशोरी का मेडिकल मुआयना कराने के बाद किशोरी को परिवारीजनों को सौंप दिया गया। आश्रम संचालक कथित संत समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आश्रम में 50 से अधिक युवक-युवतियां मौजूद हैं।
मिर्जापुर के विंध्याचल निवासी राजेंद्र प्रसाद जिले के औराई क्षेत्र के नटवां औरंगाबाद गांव के बाहर टेंट लगाकर आश्रम चलाते हैं। बताया जाता है कि खुद को संत कहने वाले राजेंद्र प्रसाद समता मूलक समाज की स्थापना के लिए युवाओं के माध्यम से गांव-गांव अंबेडकर के विचारों का प्रचार-प्रसार कराते हैं। इसके लिए उसने आश्रम में युवक और युवतियों को रखा है। उन्हें दो से तीन-हजार रुपये मानदेय देता है।