महिला ने सीएचसी में मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर 1500 रुपये लिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपये लेने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट सही तरीके से तैयार नहीं की गई। महिला ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार ने महिला के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि घटना 28 अगस्त की है, जबकि महिला दो सितंबर को बच्चे को लेकर सीएचसी पहुंची। उनके मुताबिक महिला मेडिकल रिपोर्ट में बदलाव कराने का दबाव बना रही थीं। ऐसा करने से मना करने पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सीएचसी प्रभारी ने बताया कि बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट में जांच के दौरान मिले सभी घावों का उल्लेख किया गया है। घाव सूख चुके थे, इसके बावजूद रिपोर्ट में एंटी रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक चिकित्सकीय उपचार का उल्लेख किया गया है। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर रुपये लिए जाने के आरोप से भी इनकार किया।