सुनील ने बताया कि वह मृतका के मामले में तहरीर लेकर प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह से मिले और कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष की महिलाएं काफी देर से कोतवाली में बैठी हैं। इस पर कोतवाल ने कार्रवाई चलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही। इस पर सुनील ने रिपोर्ट आने में चार-पांच दिन लगने की बात कहते हुए पुलिस की कार्रवाई किये जाने की बात कही। आरोप है कि इसी बात पर कोतवाल विजय प्रताप नाराज हो गए और उन्हें गाली देते हुए नेतागिरी करने की बात कहने लगे।
सुनील के मुताबिक, उन्होंने नेतागिरी करने की बात से इनकार किया। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक मोबाइल से वीडियो बना रहा था, जिसे वे नहीं जानते थे। आरोप है कि वीडियो बनाने की बात को लेकर कोतवाल और नाराज हो गए और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। सुनील का आरोप है कि जाति सूचक शब्द को इस्तेमाल करते हुए उन्हें करीब 50 थप्पड़ मारे गए और सीने पर बूट से प्रहार किया गया। घटना में उनकी नाक की हड्डी टूट गई और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। उन्होंने घटना का समय शाम करीब साढ़े छह बजे बताया।
सुनील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने चालान में घटना को अलग तरीके से दर्ज किया है। उनके अनुसार, चालान में लिखा गया कि बातचीत के दौरान वह आक्रोशित हो गए और अपना सिर दीवार में मारकर घायल कर लिया। उन्होंने कोतवाली परिसर में लगे सीसी कैमरों की फुटेज की जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।
वहीं अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिली थी। सुनील कुमार पटेल ने मारपीट और जातिगत टिप्पणी का आरोप लगाया था। मामले की प्रारंभिक जांच सीओ पीडीडीयू नगर अरुण कुमार सिंह से कराई गई। एएसपी के अनुसार, जांच में सामने आया कि एक महिला की मृत्यु के मामले में पैरवी के लिए सुनील पटेल थाना परिसर पहुंचे थे। पुलिस की ओर से वादी को पहले ही जांच चलने और जल्द विधिक कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई थी।
इसके बावजूद सुनील पर अभद्र एवं आक्रामक व्यवहार कर पुलिस पर दबाव बनाने का प्रयास करने लगे। इस आधार पर उनके खिलाफ 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई। इसी दौरान उनकी नाक में चोट लगने से रक्तस्राव हुआ। प्रारंभिक जांच में जातिसूचक टिप्पणी की पुष्टि नहीं हुई है। एएसपी ने बताया कि पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं वहीं कोतवाली प्रभारी विजय प्रताप सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।