ये जानकारी भी है आपके काम की
कॉलोनी के अंदर की दुकानें, आवासीय परिसर (गेटेड सोसाइटी, टाउनशिप) के अंदर की दुकानें, एकल गाड़ियों के व अन्य शोरूम सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे। दुकानदारों की जिम्मेदारी होगी कि एक समय में पांच व्यक्तियों से अधिक लोगों को अपनी दुकान पर एक साथ जमा न होने दें और दो गज का गोला या लाइन खींचकर सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करवाएं। यदि कोई दुकानदार ऐसा नहीं कर पाएगा तो उसकी दुकान अगले 15 दिनों के लिए सीज कर दी जाएगी।
इनको 24 घंटे की छूट
प्राइवेट अस्पताल, सरकारी अस्पताल, पैथोलॉजी लैब सभी 24 घंटे खुले रह सकते हैं और उनके अंदर शामिल फार्मेसी व दवाइयों की दुकान भी 24 घंटे खुली रह सकती हैं। न्यूज पेपर वितरण, मीडिया आफिस सभी समयावधि के प्रतिबंध से मुक्त होंगे। बैंक, एटीएम, बीमा कंपनी, सरकारी कार्यालय अपने निर्धारित कर्मचारियों के साथ, निर्धारित समय पर केवल वर्किंग दिन में खुलेंगे। ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, कूरियर, वेयर हाउस, कोल्ड स्टोर, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां, मोबाइल कंपनियां 10 से शाम 5 बजे तक खुले रह सकते हैं। सभी प्रकार की दुकानों व प्रतिष्ठानों की सप्लाई चैन, स्टोरेज, वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट आफिस भी 10 बजे से 5 बजे तक खुले रह सकते हैं।
सभी प्रकार की दुकानों मंडियों और प्रतिष्ठानों से जुड़े भरे हुए और खाली वाहन, कच्चे माल या वितरण के वाहनों का आवागमन भी होगा। आवश्यक वस्तुओं की होम डिलिवरी और राशन, सब्जी, दूध, गैस की गली में घूम-घूम कर ठेले, वाहनों के माध्यम से बिक्री भी सप्ताह में सभी सात दिन सायं 5 बजे तक होगी।
खुलेआम न थूकें, नही तो होगी कार्रवाई
पूरे जनपद में खुले में थूकना पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाता है। ऐसा करते पाये जाने पर कार्रवाई हो सकती है । साथ ही प्रत्येक व्यक्ति के लिए यह आवश्यक होगा कि वह दुकानो पर, कार्यस्थल पर और हर जगह 2 गज की दूरी की सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का और अपने चेहरे को मास्क, गमछे या कपड़े से ढक कर रखने के नियम का पालन करें।।
शाम सात बजे तक खुलेंगीं शराब की दुकानें
शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में शराब की सभी दुकानें व मॉडल शॉप सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक खुलेंगी। इन दुकानों पर ग्राहकों को रोककर शराब पिलाना प्रतिबंधित होगा। शराब की दुकानों पर दुकानदारों को सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष रूप से कड़ाई से पालन करवाना होगा। शराब के दुकानदार दुकान खोलने से पहले जिला आबकारी अधिकारी तथा आबकारी निरीक्षकों से संपर्क करके जानकारी कर ले कि किन क्षेत्रों में शराब की दुकानें खोलना है, और किन क्षेत्रों में प्रतिबंधित है।
औद्योगिक इकाइयों में भी शुरू होगा काम
जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों का उत्पादन प्रारंभ करने के लिए केस टू केस बेसिस पर अनुमति प्रदान की जाएगी। इसके लिए निर्धारित प्रारूप पर उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र को आवेदन करना होगा। पूर्व में यह व्यवस्था केवल आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी हुई औद्योगिक इकाइयों के लिए लागू की गई थी। बताया कि नगरीय क्षेत्रों में भी इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर आदि से जुड़े हुए उद्योगों को केस टू केस बेसिस पर अनुमति प्रदान की जाएगी।