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Bird Flu: वाराणसी में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट, टास्क फोर्स गठित, 11 को होगी बैठक

Sat, 09 Jan 2021 12:53 AM IST
विचित्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
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बर्ड फ्लू - फोटो : Amar Ujala
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देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद वाराणसी में पशुपालन विभाग सहित जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को 16 रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही जिला स्तर पर टास्क फोर्स भी गठित की गई है। इसकी 11 जनवरी को बैठक होगी।

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पशुपालन विभाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीबी सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि हर महीने भेजी जाने वाली पोल्ट्री फार्म के मुर्गियों के नमूनों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। जो सामान्यत: 100 होती थी। शनिवार को 150 नमूने भोपाल और बरेली भेजे जाएंगे। जिले में करीब 250 छोटे बड़े मुर्गीपालन केंद्र हैं। ब्लाक स्तर के चिकित्सक मुर्गी पालकों को साफ-सफाई, सैनिटाइजेशन, चूना, ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की सलाह भी दी जा रही। शुक्रवार को 16 रैपिड रिस्पांस टीमों को सक्रिय कर दिया गया जो पूरे जिले में पक्षियों की मरने की हर घटना पर नजर बनाए हुए हैं। 

इसके अलावा जिला प्रशासन के तमाम विभागों के अधिकारियों का संयुक्त रूप से टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। इसकी 11 जनवरी को बैठक भी होगी। टास्क फोर्स में जिला अधिकारी अध्यक्ष होंगे, जबकि राजस्व विभाग, पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, वन विभाग, सीएमओ समेत तमाम विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे। जो हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। 
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इंसानों के लिए भी खतरनाक है यह बीमारी

बर्ड फ्लू के लक्षण - फोटो : Amar Ujala
  • बर्ड फ्लू एक ऐसी बीमारी है, जो सिर्फ पक्षियों को ही नहीं, बल्कि जानवरों और इंसानों के लिए भी उतना ही खतरनाक है। इस बीमारी से संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले जानवर और इंसान आसानी से इससे संक्रमित हो जाते हैं। इससे मौत भी हो सकती है।   
इंसान कैसे हो जाते हैं इससे संक्रमित? 
  • बर्ड फ्लू को एवियन इंफ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रकार का वायरल इंफेक्शन (संक्रमण) होता है। वैसे तो बर्ड फ्लू कई प्रकार हैं, लेकिन एच5एन1 (H5N1)पहला ऐसा बर्ड फ्लू वायरस था, जिसने पहली बार इंसान को संक्रमित किया था। इसका पहला मामला साल 1997 में हांगकांग में सामने आया था। यह बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाले पानी के संपर्क में आने से इंसानों में होती है। 
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बर्ड फ्लू - फोटो : Amar Ujala
बर्ड फ्लू का खतरा किसे अधिक? 
  • मुर्गी पालन से जुड़े लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा सबसे अधिक होता है। इसके अलावा संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोगों, संक्रमित जगहों पर जाने वाले लोगों, कच्चा या अधपका चिकन या अंडा खाने वाले लोगों को भी इससे संक्रमित होने का खतरा रहता है। 
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