कुंभ में जल परिवहन को केंद्र में रखकर शासन, प्रशासन ने बृहद योजना तैयार की है। सड़कों पर लोड कम करने और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के सफर को रोमांचक बनाने के उद्देश्य से आईडब्ल्यूएआई प्रयागराज से लगभग 20 किलोमीटर दूर सुजावन देव घाट पर अस्थाई यात्री टर्मिनल बना रहा है। यहां से जलपोत के जरिये उन्हें संगम तक ले जाया जाएगा। जलपोत एक दिन में पांच चक्कर लगाएगा।
सुजावन देव घाट के पास बस स्टॉप बनाया गया है, जहां से यात्रियों को छोटे वाहनों और पैदल ही आगे जाने दिया जा रहा है। ऐसे में सैलानियों व श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यमुना नदी पर स्थित सुजावन देव घाट पर अस्थाई टर्मिनल का निर्माण किया जा रहा है। यहां से जलपोत के माध्यम से श्रद्धालु और पर्यटकों को घाटों के साथ संगम स्थल पर ले जाया जाएगा।
यह यात्रा लगभग डेढ़ से दो घंटे की होगी। किराया लगभग आठ सौ रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। जलपोत से सभी को यमुना के रास्ते संगम ले जाया जाएगा। जहां वे स्नान, ध्यान कर सकेंगे। जलपोत पर एक बार में डेढ़ से दो सौ यात्री सवार हो सकेंगे।
आईडब्ल्यूएआई के उपनिदेशक मयंक कुमार जल परिवहन यात्री परिवहन को सुचारु बनाने के साथ ही गंगा में परिवहन के लिए उपयुक्त वातावरण भी तैयार करेगा। ड्रेजिंग मशीनें यहां लगाई गई हैं जो यमुना और गंगा में हार्ड स्टेटा और बालू के टिलों की छटाई कर जल परिवहन के लिए सुगम रास्ता बनाएंगी।