सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया पर जमकर निवेश हुआ। वाराणसी सराफा एसोसिएशन के महामंत्री रवि सराफ के मुताबिक, दो दिनों में अकेले सराफा बाजार में 400 करोड़ रुपये के सोने-चांदी और हीरों के आभूषणों की बिक्री हुई। महमूरगंज स्थित शोरूम संचालक सुमित वर्मा ने बताया कि सोने और चांदी की कीमतें बढ़ने के कारण ग्राहकों ने कम वजन वाले गहनों को पसंद किया।
लोगों ने भारी गहनों के बजाय कलात्मक और हल्के आभूषणों को अधिक पसंद किया। त्योहार पर होने वाली भीड़ को देखते हुए कई शोरूम संचालकों ने ग्राहकों को कई प्रकार के लुभावने ऑफर दिए थे। ठठेरी बाजार के बर्तन कारोबारी विशाल कसेरा ने बताया कि दो दिनों में 50 करोड़ का बर्तन बाजार में कारोबार हुआ।
जैन मंदिरों में भक्तांबर पाठ
अक्षय तृतीया पर जैन मंदिरों में भक्तांबर पाठ हुआ। भगवान सुपार्श्व नाथ की जन्म स्थली भदैनी दिगंबर जैन तीर्थ क्षेत्र प्रभुदास जैन घाट पर 48 दीप जलाए गए और भक्तांबर पाठ हुआ। तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को आहार दिया गया। वे छह माह निरंतर उपवास के बाद आज के ही दिन आहार ग्रहण किए थे। भगवान आदिनाथ ने पहले समाज मैं दान के महत्व को समझाया था। पाठ में सुरेंद्र कुमार जैन, बीना जैन, लता जैन, शशि जैन, मनोरमा जैन आदि रहीं।