मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने छठे चरण के अंतिम दिन गुरुवार को भाजपा और बसपा पर हमला बोलते हुए कहा कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नोटबंदी का हिसाब मांगते हैं तो उनके पसीने छूटने लगते हैं। जबकि हम तो पूरे 5 साल का हिसाब लेकर बैठे हैं, कोई जब चाहे तब हमसे हिसाब मांग ले।
दूसरी तरफ बुआ रक्षाबंधन बीजेपी वालों के साथ मनाती हैं। अब घूम-घूमकर कह रही हैं कि अब मूर्ति, पार्क नहीं बनाएंगे, विकास कराएंगे। उनका कोई भरोसा नहीं। अखिलेश बलिया में छह स्थानों पर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बीजेपी यूपी में किसानों का कर्जा माफ करने की बात करती है लेकिन भाजपा शासित राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ में आज तक किसी भी किसान का कर्ज माफ नहीं किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा छठे चरण में जो उत्साह व उमंग दिखाई दे रहा है, उससे साफ पता चल रहा है कि प्रदेश में फिर से सपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। यह चुनाव उत्तर प्रदेश का नहीं बल्कि देश की दशा व दिशा तय करेगा।
उन्होंने कहा कि बीजेपी केवल अच्छे दिन लाने की बात करती है। नोटबंदी के बहाने गरीबों को लाइन में खड़ा कर सारा पैसा जमा करा दिया। जिसमें कई लोगों की जान भी चली गई। समाजवादी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये दिए, भाजपा सरकार ने कोई मदद नहीं ही। कहा कि रुपया व नोट काला-सफेद नहीं होता है। लेनदेन काला होता है।
जिस पर टैक्स दिया, वह सफेद हो गया जिसपर नहीं दिया वह काला हो गया। आज तक बैंक में कितना पैसा जमा हुआ केंद्र सरकार कोई हिसाब नहीं दे रही है। प्रधानमंत्री केवल मन की बात कह रहे हैं लेकिन काम की बात नहीं कह रहे हैं।
समाजवादी सरकार से कहते हैं कि कोई काम नहीं किया, कहां काम बोल रहा है। मैं कहना चाहता हूं कि हमारा तो काम बोल रहा है लेकिन उनका कारनामा बोल रहा है।