उसी दौरान उसे आकांक्षा की आत्महत्या की खबर मिली और उसके करीबियों की कॉल आनी शुरू हो गई। इसके बाद वह मुंबई नहीं गया और सड़क मार्ग से लखनऊ चला गया। लखनऊ में उसने अपने अपार्टमेंट की पार्किंग में अपनी कार खड़ी की और उसी में मोबाइल छोड़ दिया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से ही गाजियाबाद चला गया। फिर, गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा और देहरादून में ठिकाने बदल-बदल कर रहता रहा। छह अप्रैल की आधी रात बाद पुलिस ने उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार किया था।
पुलिस टीम के अनुसार, पूछताछ और कागजातों को खंगालने के बाद यह सामने आया है कि आकांक्षा और समर ने भोजपुरी के 25 म्यूजिक एलबम और एक फिल्म में साथ काम किया था। इसके लिए समर की ओर से आकांक्षा को नियमित भुगतान किया जाता था। पुलिस के अनुसार, ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है कि समर पर आकांक्षा का कोई बड़ा बकाया था। गौरतलब है कि आकांक्षा की मां ने आरोप लगाया था कि समर सिंह ने रुपये हड़प लिए। समर सिंह ने काम करने के बाद आकांक्षा को पैसे नहीं दिए।