मोदी–योगी सरकार सुनियोजित साजिश के तहत पूज्य शंकराचार्य जी को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है। जिस प्रकार दुर्भावना और द्वेष की भावना से पूज्य शंकराचार्य को निशाना बनाने का प्रयास किया जा रहा था, उस पर न्यायालय की यह रोक करारा जवाब है। गरिमा को ठेस पहुंचाना भारतीय संस्कृति और हमारी महान आध्यात्मिक परंपरा के खिलाफ है।
उन्होंने कहा, कांग्रेस निश्चित रूप से इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और संत समाज के सम्मान पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। न्यायालय के फैसले के बाद कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे केदार घाट स्थित विद्या मठ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, प्रमोद वर्मा, किशन यादव, प्रेमदीप तिवारी, अवधेश पाठक आदि भी मौजूद रहे।