एयरपोर्ट पर चिड़ियों को भगाने के लिए बर्ड स्केयरिंग डिवाइस लगे हैं। इसके सुचारू रूप से काम करने के बारे में विशेषज्ञों से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं और पक्षियों को भगाने के लिए रनवे पर बर्ड स्केयरिंग डिवाइस, बर्ड चेजर, फ्लाइट के आने और जाने से पहले एयरपोर्ट पर ऑथराइज्ड टीम है जो चक्रमड और मुआयना करती है।
दो सप्ताह पहले भी एक गिद्ध विमान के लेफ्ट विंग से टकरा गया था, जिससे उसका एक पंख कट गया था। उस दौरान चक्रमड कर रही टीम ने उसे रनवे से हटाया। एयरपोर्ट के आसपास के मार्केट में बाबतपुर, बसनी, मंगारी में मीट की दुकान धड़ल्ले से चल रही हैं। एयरपोर्ट स्थाई समिति की मीटिंग में इन मीट-मांस की दुकानों को बंद कराने के लिए सहमति बनी थी। हालांकि इस पर कोई स्थाई रूप से काम नहीं हो सका।
बर्ड स्केयरिंग, बर्ड चेजर और अन्य विधियों से लगाई जा रही पक्षियों पर लगाम
एयरपोर्ट के ऑपरेशन क्षेत्र में बर्ड स्कैनिंग डिवाइस, बर्ड चेजर, एंटी बर्ड स्पीकर सहित अन्य उपकरण लगाए गए हैं। सभी उपकरणों द्वारा रनवे चारदीवारी के अंदर और ऑपरेशनल क्षेत्र में पक्षियों पर काबू पा लिया जाता है लेकिन बाहर फैली गंदगी चारदीवारी के अंदर बड़ी-बड़ी घास एवं एयरपोर्ट के आसपास मीट की दुकान के चलते ऐसी घटनाएं हो रही हैं। अधिकारियों का कहना है यदि बाहर के क्षेत्रों में टीम द्वारा नियमित जांच की जाती हैं तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
एयरपोर्ट निदेशक आकाश दीप के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास चल रही मीट-मांस की दुकानों को बंद कराने के लिए जिला प्रशासन को पहले भी बताया गया था और इस बार भी घटना से अवगत कराया गया है। विमान को विशेषज्ञों द्वारा ठीक करने के बाद शनिवार को विमान दिल्ली चला गया।