वीरेंद्र प्रताप और शांति देवी।
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70 साल की उम्र में पहली बार सुनी लड़ाकू विमानों की गर्जना
एयर शो देखने पहुंचीं 70 वर्षीय शांति देवी की भी अपनी कहानी रही। वह बोलीं कि जिंदगी में कभी लड़ाकू विमान नहीं देखे थे। उम्र के इस पड़ाव पर आंखों से तो ज्यादा दूर नहीं दिखता पर कम से कम उनकी आवाज सुनने और नीचे उड़ते विमानों की झलक पाने की इच्छा थी। इसी उम्मीद में वह डोमरी पहुंचीं। विमानों की गर्जना सुनकर उनके चेहरे पर उत्सुकता साफ झलक रही थी।
35 किलोमीटर चलकर सुबह आठ बजे पहुंच गए वीरेंद्र प्रताप
65 वर्षीय वीरेंद्र प्रताप का उत्साह भी कम नहीं था। वह चंदौली से करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय करके सुबह आठ बजे तक एयर शो स्थल पर पहुंच गए। उनके लिए भी लड़ाकू विमानों को करीब से देखने का मौका खास रहा। वहीं 70 वर्षीय भोला प्रसाद ने कहा कि राफेल के बारे में किताबों में पढ़ा था, लेकिन कभी उम्मीद नहीं की थी कि उसे अपनी आंखों से देख सकेंगे।