काशी में एयर शो के दौरान सारंग हेलीकॉप्टर टीम 15 मिनट तक करतब दिखाएगी। स्क्वॉड्रन लीडर अंकिता सिंह ने कहा कि सेना में रहना नौकरी नहीं, बल्कि पूरी लाइफस्टाइल है। इसके लिए मानसिक और शारीरिक फिटनेस जरूरी है। पांच हेलीकॉप्टरों की व्यूह रचना के लिए मशहूर सारंग टीम युद्ध के साथ दुर्गम क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भी तैयार रहती है।
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एयर शो में हिस्सा लेने वाली सारंग टीम।
- फोटो : अमर उजाला
काशी में एयर शो में करतब दिखाने वाले सारंग हेलीकॉप्टर्स पायलट युद्ध और रेस्क्यू के लिए भी उतने ही ट्रेंड हैं। गंगा पर जो फॉर्मेशन दिखाते हैं यही युद्ध या रेस्क्यू में टैक्टिक्स बन जाती हैं। ये वायुसेना के उतने ही सैनिक हैं जितने बाकी सदस्य। देश में जरूरत आन पड़ने पर इन्हें भी उतना ही तैयार रहना होता है।
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हेलीकाॅप्टर को ठीक करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
यही वजह है कि इन्हें अपनी फिटनेस और प्रैक्टिस पर हर दिन ध्यान देना होता। बुधवार को स्क्वॉड्रन लीडर अंकिता सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शशांक और विंग कमांडर प्रियांशु मुखर्जी सहित वायु सेना अधिकारियों ने ये बातें वाराणसी के 39 जीटीसी में अमर उजाला से बातचीत में कहीं।
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एयर शो के रिहर्सल में हेलीकाॅप्टर।
- फोटो : अमर उजाला
पांच हेलीकॉप्टर के साथ 15 मिनट का डिस्प्ले
स्क्वॉड्रन लीडर अंकिता सिंह उत्तरप्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली हैं। वो कहती हैं भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस को काशी में सेलिब्रेट किया जाना रोमांचित करने वाला है। वो कहती हैं वायुसेना की नौकरी एक पूरी लाइफ स्टाइल है सिर्फ जॉब नहीं। उन्हें लगता है कि युवाओं को इसे चुनना चाहिए।
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नमो घाट पर एयर शो की तैयारी।
- फोटो : अमर उजाला
स्क्वॉड्रन लीडर अंकिता ने कहा कि नमो घाट पर पांच हेलीकॉप्टर के साथ 15 मिनट का डिस्प्ले किया जा रहा है। अलग-अलग तरह के मनुअर्स और प्रदर्शन करेंगे। सारंग शो के दौरान हमारे साथ टीम कमेंटेटर होंगे जो हर एक मनुअर्स के बारे में लाइव कमेंट्री कर जानकारियां देंगे।
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एयर शो में सेना के विमान।
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पहला एयर शो 22 साल पहले सिंगापुर में
टीम के साथी मेरठ के रहनेवाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट शशांक ने बताया कि साल 2003 में एडवांस्ट लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) टीम बनी। इसका काम टेस्टिंग एंड इवैल्यूएशन था। 2004 में सिंगापुर के एयर शो में हिस्सेदारी की। जब एएलएच (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर) को सर्टिफिकेशन मिल गया तो लोगों को प्रेरित करने के लिए इसे सारंग हेलीकॉप्टर टीम में तब्दील कर दिया गया। हर साल हम लोग अलग-अलग जगह जाकर प्रदर्शन करते हैं। आम लोगों को इससे आर्मी स्किल्स का पता चलता है।
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जेट विमान ने दिखाए करतब।
- फोटो : अमर उजाला
विदेशों में भी खूब होती है इसकी प्रशंसा
विंग कमांडर और सीनियर टेक्निकल ऑफिसर प्रियांशु ने बताया कि सारंग टीम का स्वदेशी हेलीकॉप्टर दुनिया के किसी भी हेलीकॉप्टर की तुलना में आधुनिक है। इसमें कई यंत्र नए हैं। यह बाकी विमानों से बेहतर काम कर सकता है और तीनों सेनाओं के पास ये हेलीकॉप्टर है। रूट ट्रांसफर, सर्च एंड रेस्क्यू, आपदा में लोगों का बचाव किया जाता है।
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एयर शो में हेलीकाॅप्टर।
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हिंदुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) के बनाए इस हेलीकॉप्टर की प्रशंसा विदेशों में भी खूब होती है। इसको मल्टी रोल एडवांस हेलीकॉप्टर बोलते हैं। इसकी खासियत है कि इसमें दो इंजन हैं और यह 14 लोगों को ले जा सकता है। कोई खाई में फंसा है तो बचाव कार्य कर सकता है। ये कई बार युद्ध के समय भी कार्य करता है। ये भारत का एक सफल एयरक्राफ्ट है। विंग कमांडर प्रियांशु ने बताया कि काशी में किसी तरह का कोई टेक्निकल बैरियर जैसी स्थिति नहीं बनी।
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काशी में भव्य एयर शो की तैयारी।
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कोआर्डिनेशन सीखना चाहिए हमसे
स्क्वॉड्रन लीडर अंकिता के मुताबिक जमीन से लेकर हवा में कई साल के अभ्यास के बाद ही एयर शो में शामिल किया जाता है। इस टीम से सीखने की सबसे बड़ी बात है कोआर्डिनेशन। यानी कि पांचों हेलीकॉप्टर के पायलट और टीम मेंबर्स एक-दूसरे पर भरोसा कर इस शो को अंजाम देते हैं। कोई भी सपना हो उस तक पहुंचने के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सबसे बड़ी जरूरत है। वो कहती हैं, महिलाएं भारतीय फौज के हर ब्रांच में हैं।
अकाउंट्स, मेडिकल में भी। आप अपना एक लक्ष्य बनाकर एसएसबी के इंटरव्यू में आईए। कल आप ही में से कोई होगा जो ये जहाज उड़ा रहा होगा। अंकिता ने इंजीनियरिंग करने के बाद एसएसबी क्लियर कर ट्रेनिंग शुरू की। 2014 में कमीशन्ड हुईं। अग्निपथ स्कीम से कई लड़कियां भारतीय फौज में अच्छा काम कर रही हैं। स्नातक के बाद ही लड़कियों के लिए अलग-अलग एंट्री स्कीम्स हैं।