उधर, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भी शिवपाल यादव से मुलाकात की थी। वहीं, सुभासपा और आजाद समाज पार्टी के बीच भी बातचीत का दौर जारी है। ऐसे में ओवैसी की पूर्वांचल में मौजूदगी से सियासी सरगर्मी तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल विधानसभा चुनाव अगले साल होंगे, इससे पहले मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए सियासी दल कोई मौका नहीं छोड़ना चाहेंगे।
यहां बता दें कि विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा और सुभासपा के बीच गठबंधन हुआ था। अजगरा विधानसभा में संयुक्त रैली में गठबंधन की घोषणा के बाद विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल की कई सीटों पर बंटवारा हुआ था। मगर, वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद से ही सुभासपा नए साथियों के साथ अपनी सियासत को पूर्वांचल में मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
अखिलेश यादव भी जाएंगे जौनपुर:
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। इससे पहले एयरपोर्ट पर उमड़े सपाइयों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीआईएसएफ के जवानों और पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। यहां से वे जौनपुर के लिए रवाना हो गए जहां, वह पूर्व मंत्री पारस नाथ यादव की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। साथ ही आजमगढ़ जिले का भी दौरा करेंगे।