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घरेले बदरिया घनघोर हो सवनवां में ना अइलें ननदी...

Sat, 06 Aug 2016 01:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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रोड शो के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सेहत से खिलवाड़ और बदइंतजामी चिकित्सा और प्रशासन के कई अधिकारियों के गले की फांस बन सकती है। ‘अमर उजाला’ में हुए खुलासे के बाद शुक्रवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने सोनिया गांधी के सेहत की देखभाल में हुई गंभीर चूक की जांच शुरू कर दी है। एसपीजी के अधिकारियों ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों से फोन पर तबीयत बिगड़ने से लेकर इलाज में हुई देरी की वजहों के बारे में जानकारी ली। एसपीजी द्वारा रोड शो के वीडियो फुटेज भी देखे जा रहे हैं, ताकि तबीयत बिगड़ने के बारे में कुछ अहम जानकारी मिल सके।
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 पहले बनारस और बाद में दिल्ली जाने के बाद सोनिया गांधी की तबीयत और बिगड़ने के बाद से स्वास्थ्य महकमे से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेसियों में खलबली मची हुई है। इधर, एसपीजी ने मामले की जांच शुरू करते हुए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ ही फ्लीट में शामिल चिकित्सकों से बीमारी और इलाज के बावत जानकारी जुटाई। जिस होटल में सोनिया को ले जाया गया वहां से मंडलीय अस्पताल महज 500 मीटर पहले था। प्रोटोकॉल के तहत सोनिया के लिए यहां सेफ हाउस भी बना था। सूत्रों की मानें तो तबीयत बिगड़ने पर सोनिया को सेफ हाउस लाने के बजाय कांग्रेस नेताओं द्वारा उन्हें होटल ले जाने के फैसले को भी एसपीजी लापरवाही मान रही है।


लहुराबीर के होटल मार्डन में मेडिकल चेकअप से पहले सोनिया गांधी ने होटल कर्मियों से पानी मांगा था। वेटर रामू ने नार्मल और ब्वायल उन्हें दोनों तरह का पानी दिया था लेकिन उन्होंने नार्मल पानी पिया। रामू का कहना है कि मैडम कुछ देर कुर्सी पर बैठी रहीं, फिर बेड कवर अपने हाथ से हटाकर आराम करने लगीं। सोचने वाली बात है कि अगर उन्हें रोड शो के दौरान चोट लगी होती तो वह अपने हाथ से ग्लास कैसे उठातीं और कैसे वेड कवर हटातीं या फिर दोनों हाथों से होटल कर्मियों का अभिवादन कैसे स्वीकार कर सकती थीं
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सोनिया गांधी की सेहत और सुरक्षा के प्रति वाराणसी में हद दरजे की लापरवाही बरती गई। बताते हैं दो अगस्त को लंबे रोड शो के दौरान मैदागिन पहुंचने पर सोनिया गांधी ने अपने अंगरक्षकों से सरकारी प्रसाधन (यूरिनल) के बारे में जानकारी ली थी। मैडम ने कहा था कोई सरकारी दफ्तर या भवन हो तो वहां वह प्रसाधन का इस्तेमाल करेंगी लेकिन एसपीजी मैदागिन से लहुराबीर तक दोनों बाजू के भवनों के बोर्ड पढ़ती रही लेकिन कहीं सरकारी दफ्तर नजर नहीं आया। अंतत: लहुराबीर चौराहे पर गांधी आश्रम देख एसपीजी के जवान वहां पहुंचे। संचालक हरिकेश्वर शर्मा बताते हैं कि करीब सवा पांच बजे एसपीजे के जवान मेरे पास आए थे। उनका कहना था कि मैडम के लिए प्रसाधन खुलवा दीजिए लेकिन असमर्थता जतानी पड़ी, क्योंकि किराए के भवन में चलने वाले आश्रम का प्रसाधन इस्तेमाल के लायक नहीं था।
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