आरोपियों के खाते में पड़ी 75 लाख की रकम तत्काल होल्ड कराने के साथ ही प्रयागराज स्थित ओमेक्स अपार्टमेंट में दबिश देकर मुख्य आरोपी और उसके निशानदेही पर उसकी मंगेतर व ठगी में सहयोग देने के मामले में होने वाली सास को गिरफ्तार कर लिया। ठगी के 2.10 लाख नकद बरामद करते हुए 24 लाख से खरीदी गई कार को भी कब्जे में ले लिया गया। पूछताछ में पता चला कि होने वाली सास के खाते में भी ठगी के लाखों रुपये भेजवाए गए थे।
एसपी अभिषेक वर्मा ने शुक्रवार की दोपहर बाद पुलिस लाइन में करोड़ों की ठगी और आरोपियों के गिरफ्तारी की जानकारी दी। बताया कि गत 22 सितंबर को एसबीआई के मुख्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार सिंह ने जैसे ही एक सेवानिवृत्त अधिकारी से करोड़ों की ठगी की आशंका जताई। वैसे ही साइबर पुलिस को सक्रिय कर दिया गया। पहुंची पुलिस ने पीड़ित को भरोसे में लिया तब उन्होंने पूरी जानकारी दी।
पता चला कि वह किसी लड़की से ह्वाट़सअप पर बात कर रहे थे। इसका फायदा उठाकर एआई जनित फर्जी व न्यूड तस्वीरें भेजी गई। उन्हें बदनाम करने और परिवार को क्षति पहुंचाने की धमकी देते हुए अलग-अलग खातों में एक से डेढ़ माह के भीतर लगभग 2.36 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिया गया। मिली जानकारी के आधार पर तत्काल संबंधित खातों में पड़ी ठगी के 75 लाख धनराशि को संबंधित बैंकों सें संपर्क कर होल्ड करा दिया गया।
खुद लड़की बनकर पीडि़त से चैट कर रहा था मुख्य आरोपी
एसपी ने बताया कि जब आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि चुनार (मिर्जापुर) थाना क्षेत्र का विजयपुर कलना निवासी अरुण कुमार दूबे ठगी का मास्टर माइंड है। वह खुद लड़की बनकर पीड़ित से चैट कर रहा था और उसे एआई से बनी तस्वीरें भेज रहा था। उसके इस काम में रायगढ़ (महाराष्ट्र) जिले के घोड़गल्ली, श्रीवर्धन की रहने वाली उसकी मंगेतर तेजल लगातार सहयोग कर रही थी।
होने वाली सास प्रियंका मिश्रा (तेजल की मां) को भी इस साजिश में शामिल कर उसके खाते में भी ठगी के लाखों रुपये मंगवाए गए थे। यह भी पता चला कि आरोपों ने ठगी के रुपये से 24 लाख की एक कार बुक कराई है और मिर्जापुर में 17 लाख जमीन खरीदने के साथ ही लखनऊ व आस-पास के जिलों में और भी जमीनें खरीदने की तैयारी चल रही है।