महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की त्रैमासिक बैठक में शैक्षणिक एवं शोध की गुणवत्ता से संबंधित कई निर्णय लिए गए। कुलपति प्रो. एके त्यागी की अध्यक्षता में हुई बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। इसमें रिसर्च मेथडोलॉजी के पाठ्यक्रम में एआई टूल्स को शामिल करने पर सहमति बनी। बैठक में जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति और आइक्यूएसी सदस्य प्रोफेसर हरिकेश सिंह के सुझाव के बाद यह निर्णय लिया गया कि एआई की सहायता से विवि के अध्यापकों की निपुणता के आधार पर अतिरिक्त प्रशिक्षण आवश्यक है। इसका निर्धारण किया जाना चाहिए। आईक्यूएसी सदस्य एवं पूर्व नैक निदेशक प्रो. एनराय ने कहा कि विवि के महत्वपूर्ण विभागों के विशिष्ट व्याख्यानों को रिकॉर्ड किया जाए। ऐसे अध्यापकों को जो एआई की सहायता से अपने शैक्षणिक कार्यों को नवाचारपूर्ण ढंग से आगे बढ़ा रहे हैं उन्हें समय-समय पर पुरस्कृत किया जाए। छात्र-छात्राओं की इंटर्नशिप के लिए संकायवार विद्यार्थियों का चयन कर उनकी रुचि व आवश्यकता के अनुसार विभिन्न निकायों में इंटर्नशिप सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैठक में प्रो. सुरेंद्र सिंह, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नंदिनी सिंह,नीरज पारिख, डॉ. किरण सिंह मौजूद रहे।