वाराणसी। जिले के मसरूम उत्पादक किसानों का भी एक एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) बनेगा। जिसके गठन से मसरूम उत्पादक किसानों को अच्छी कीमत ही नहीं बल्कि उनके उत्पाद का निर्यात भी किया जा सकेगा। इसके लिए उद्यान विभाग बागवानी मिशन के तहत यूनिट लगाने में आर्थिक मदद भी दिलाएगा। जिससे किसान सीजन में ही नहीं बल्कि बारहों महीने मसरूम का उत्पादन कर निर्यात भी कर सकेंगे।
शिवपुर के मसरूम उत्पादक शशिकांत पटेल ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 किलो से तीन क्विंटल तक मसरूम उत्पादन करते है मगर मंडी में आढ़तियों के भरोसे उन्हें अच्छा दाम नहीं मिलता। ऊपर से उनका भारी भरकम कमीशन भी काफी घाटे का होता। जिले भर में करीब 40 से 50 के करीब मसरूम उत्पादक है। जिनको संगठित कर एफपीओ बनाने की योजना है। इसके लिए उद्यान अधिकारी से संपर्क भी किया। जिन्होंने अश्वासन के साथ कई योजनाओं के तहत मदद दिलाने की बात कही।
उधर जिला उद्यान अधिकारी संदीप कुमार गुप्त ने बताया कि जिले में मसरूम उत्पादन को बढ़ाने के लिए एफपीओ बनाया जाएगा। ताकि मसरूम उत्पादक किसान को भी उनके उत्पाद का अच्छा दाम मिल सके। इसके लिए विभाग की ओर से किसानों को बागवानी मिशन योजना के तहत किसानों को यूनिट लगाने के कवायद की गई है। इसके अलावा मसरूम उत्पादकों को स्पॉम प्रोडक्सन, तकनीकी सलाह भी दी जाएगी। ताकि अच्छी गुणवक्ता फफूंद और वायरस रहित उत्पाद को निर्यात भी किया जा सकेगा।