कोरोना काल में पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र पहुंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि सुधार बिल पर खुलकर बात की और विपक्ष पर निशाना भी साधा। खजुरी की जनसभा में उन्होंने कहा- हमने किसानों से किया अपना वादा पूरा किया है और वादों को जमीन पर उतरने के इसी ट्रैक रिकार्ड के बल पर नया किसान सुधार कानून लाए हैं। विपक्ष पर हमलावर होते हुए बोले- ऐतिहासिक कृषि सुधारों के मामले में जानबूझकर खेल खेला जा रहा है। हमें याद रखना है यह वही लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक किसानों के साथ छल किया है। झूठ फैलाना ऐसे लोगों की आदत बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को विश्वास दिलाया कि कृषि सुधार कानून आने वाले दिनों में किसानों को न्याय दिलाने में लाभकारी होगा। उन्होंने कहा- दशकों का छलावा किसानों को आशंकित करता है। 2014 से पहले एमएसपी को लेकर छल किया गया। किसानों के नाम पर कर्ज माफी के पैकेज घोषित होते थे, मगर छोटे व सीमांत किसानों तक नहीं पहुंचते थे। कर्ज माफी को लेकर छल, किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी योजनाएं घोषित होती थी, मगर यही लोग मानते थे कि एक रुपये में केवल 15 पैसा ही किसान तक पहुंचता है। उन्होंने किसानों से किए गए वादे की याद दिलाई और कहा कि हमने कहा था यूरिया की कालाबाजारी रोकेंगे। पहले यूरिया ब्लैक में लेने के लिए कई बार रात-रात तक लाइन लगानी पड़ती थी, मगर हमने कोरोना लॉकडाउन में हर गतिविधि बंद होने के बावजूद यूरिया पहुंचाने में दिक्कत नहीं होने दी। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार, लागत पर डेढ़ गुना एमएसपी को लागू किया और किसान तक बैंक खाते से सीधे पैसा पहुंचाने का प्रबंध किया।
विकल्प से किसानों को कर रहे सशक्त
पीएम मोदी ने कहा कि किसान हित में किए गए कृषि सुधार विकल्प देते हैं। दुनिया के बड़े बाजार किसानों को उपलब्ध कराते हैं। विकल्प के माध्यम से किसानों को सशक्त करने का रास्ता अपनाया गया है। उन्होंने सवाल के लहजे में पूछा कि ऐसा खरीदार मिल जाए जो खेत से उपज उठाए और बेहतर कीमत दे तो क्या किसान को अपनी उपज उसे बेचने की आजादी मिलनी चाहिए या नहीं? उन्होंने कहा- भारत के कृषि उत्पाद पूरी दुनिया में मशहूर हैं। ऐसे में किसान की पहुंच बड़े बाजार और ज्यादा दाम तक होनी चाहिए। अगर कोई पुराने सिस्टम से लेनदेन को ठीक समझता है तो उस पर भी इस कानून में कहां कोई रोक है।
पिछली सरकारों से कई गुना ज्यादा काम
प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा और कहा- 2014 के पहले की सरकार ने पांच साल में 650 करोड़ रुपये की दाल खरीदी और हमारी सरकार ने पांच साल में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की दाल एमएसपी पर ली। ऐसे ही धान की खरीद उस समय दो लाख करोड़ रुपये थी और हमने पांच लाख करोड़ रुपये सीधे किसान को दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि हमारी नीयत साफ है, इसीलिए किसानों को ताकतवर बना रहे हैं। मंडियों को आधुनिक करने के लिए करोड़ों रुपये का निवेश किया है।
झूठ के चलते किसानों ने लाभ से मना किया
पीएम मोदी ने कहा कि भ्रम फैलाने वाले कहते हैं कि फैसला तो ठीक है, मगर आगे चलकर क्या-क्या होगा। फिर कहते हैं ऐसा होगा, जो हुआ ही नहीं या होगा ही नहीं, उन बातों का अप्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा- एक राज्य में इतना झूठ फैलाया कि पीएम सम्मान निधि लेने से किसानों ने मना कर दिया। एक राज्य ने इसे लागू हीं नहीं किया। उन्हें लगा किसानों तक पैसा पहुंच जाएगा तो मोदी की जय जयकार होगी और हमारी राजनीति समाप्त हो जाएगी। पीएम बोले- 10 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों को सीधी मदद की जा रही है। एक लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंच चुका है। पेंशन योजना, किसान मान धन योजना लागू है और इससे 21 लाख परिवार जुड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब भी उन राज्यों में सरकार बनेगी तो यह पैसा भी किसानों को देकर रहेंगे।