वाराणसी के छावनी स्थित रणबांकुरे मैदान में अग्निवीर भर्ती
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चिकित्सकीय परीक्षण के लिए कुछ अभ्यर्थियों को छावनी क्षेत्र के शहीद पार्क में बुलाया गया है। इसी आधार पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जाल बिछाकर वेल नारायण मानेंधर को गिरफ्तार कर लिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी मानेंधर पिछले छह महीने से छावनी स्थित नमस्ते रेस्टोरेंट में कुक है। रेस्टोरेंट में ही उसकी मुलाकात नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा से हुई थी, जो कि 39 जीटीसी में सिपाही के पद पर कार्यरत है। दिवस विश्वकर्मा ने उसे ठगी का तरीका बताया और कहा था कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है, यदि कोई अभ्यर्थी होगा तो बताना।
इस पर वेल नारायण ने मिर्जापुर के रहने वाले आयुष सिंह से संपर्क किया। भर्ती रैली के दौरान ही आयुष रेस्टोरेंट में आता-जाता था। आयुष ने चंदौली के रहने वाले तीन अन्य साथी सचिन, वीरेंद्र और मनीष को भी मानेंधर से मिलवाया, फिर ठगी गिरोह ने भर्ती के नाम पर उगाही शुरू कर दी।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया गया था कि असफल होने के बाद भी अग्निवीर की नौकरी मिल जाएगी। इसके लिए पैसा खर्च करना पड़ेगा। सेना में सिपाही दिवस विश्वकर्मा से चारों युवकों की मुलाकात भी कराई गई थी। इस दौरान तीन-तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
आयुष, सचिन, वीरेंद्र और मनीष ने सिपाही दिवस विश्वकर्मा के बैंक खाते में कुछ रुपये भेजे और कुछ नकद भी भुगतान किया। सभी को आश्वस्त किया गया था कि जल्द ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा, लेकिन इसकी चर्चा किसी से नहीं करनी है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।
इसी लिहाज से अभ्यर्थियों को बुलाया भी गया था, जहां वेल नारायणद की मौजूदगी मिली है। 39 जीटीसी का सिपाही दिवस विश्वकर्मा नहीं पहुंचा था। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
अग्निवीर सेना भर्ती की औपचारिकता 16 नवंबर से छह दिसंबर तक छावनी स्थित रणबांकुरे मैदान में पूरी की गई। इसमें वाराणसी समेत 12 जिलों के 1.43 लाख 286 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।