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Agniveer bharti fraud: अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से करते थे ठगी, गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

Wed, 21 Dec 2022 09:53 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

रेस्टोरेंट में कुक का काम करने वाले आरोपी के कब्जे से दो आधार कार्ड, नेपाली नागरिकता प्रमाण पत्र, नेपाली करेंसी 17 हजार रुपये बरामद हुए। चार अभ्यर्थियों को आरोपी ने सुबह में मेडिकल के लिए शहीद पार्क बुलवाया था। आरोपी को एसटीएफ ने कैंट थाने को साैंपा। गिरोह में 39 जीटीसी के एक सिपाही की भी भूमिका सामने आई है।
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अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने मंगलवार को अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड को छावनी स्थित शहीद पार्क से गिरफ्तार कर लिया। एक रेस्टोरेंट में कुक का काम करने वाले आरोपी के कब्जे से दो आधार कार्ड, नेपाली नागरिकता का प्रमाण पत्र, नेपाली करेंसी के 17 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

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आरोपी ने चार असफल अभ्यर्थियों को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए शहीद पार्क में बुलाया था। आरोपी के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया। कैंट पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गिरोह में 39 जीटीसी के एक सिपाही की भी भूमिका सामने आई है।

आर्मी इंटेलिजेंस को मिली थी सूचना

मास्टर माइंड की पहचान नेपाल के स्याजयस बैदाम थाना के क्याक्मी निवासी वेल नारायण मानेंधर के रूप में हुई है। एसटीएफ वाराणसी इकाई के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि आर्मी इंटेलिजेंस (एमआई) को सूचना मिली थी कि अग्निवीर सेना भर्ती में असफल अभ्यर्थियों से ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है।

वाराणसी के छावनी स्थित रणबांकुरे मैदान में अग्निवीर भर्ती - फोटो : अमर उजाला
चिकित्सकीय परीक्षण के लिए कुछ अभ्यर्थियों को छावनी क्षेत्र के शहीद पार्क में बुलाया गया है। इसी आधार पर निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जाल बिछाकर वेल नारायण मानेंधर को गिरफ्तार कर लिया गया। 

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी मानेंधर पिछले छह महीने से छावनी स्थित नमस्ते रेस्टोरेंट में कुक है। रेस्टोरेंट में ही उसकी मुलाकात नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा से हुई थी, जो कि 39 जीटीसी में सिपाही के पद पर कार्यरत है। दिवस विश्वकर्मा ने उसे ठगी का तरीका बताया और कहा था कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है, यदि कोई अभ्यर्थी होगा तो बताना।

इस पर वेल नारायण ने मिर्जापुर के रहने वाले आयुष सिंह से संपर्क किया। भर्ती रैली के दौरान ही आयुष रेस्टोरेंट में आता-जाता था। आयुष ने चंदौली के रहने वाले तीन अन्य साथी सचिन, वीरेंद्र और मनीष को भी मानेंधर से मिलवाया, फिर ठगी गिरोह ने भर्ती के नाम पर उगाही शुरू कर दी।  

असफल अभ्यर्थियों से तीन-तीन लाख में हुआ था सौदा

अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया गया था कि असफल होने के बाद भी अग्निवीर की नौकरी मिल जाएगी। इसके लिए पैसा खर्च करना पड़ेगा। सेना में सिपाही दिवस विश्वकर्मा से चारों युवकों की मुलाकात भी कराई गई थी। इस दौरान तीन-तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।

आयुष, सचिन, वीरेंद्र और मनीष ने सिपाही दिवस विश्वकर्मा के बैंक खाते में कुछ रुपये भेजे और कुछ नकद भी भुगतान किया। सभी को आश्वस्त किया गया था कि जल्द ही चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा, लेकिन इसकी चर्चा किसी से नहीं करनी है। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा।

इसी लिहाज से अभ्यर्थियों को बुलाया भी गया था, जहां वेल नारायणद की मौजूदगी मिली है। 39 जीटीसी का सिपाही दिवस विश्वकर्मा नहीं पहुंचा था। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। 
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1.43 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन

अग्निवीर सेना भर्ती की औपचारिकता 16 नवंबर से छह दिसंबर तक छावनी स्थित रणबांकुरे मैदान में पूरी की गई। इसमें वाराणसी समेत 12 जिलों के 1.43 लाख 286 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
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