उधर, चौकाघाट ईदगाह में सरदार इकरामुद्दीन की सदारत में मौलाना अल्ताफुर रहमान ने नमाज अदा करवाई। गन्ने की खूब बिक्री हुई। पुलकोना ईदगाह में नमाज अदा करने पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, मौलाना शाद, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, हैदर महतो, हासिम, हाजी बाबू, हाजी तुफैल, गुलशन अली आदि पहुंचे थे।
सरदार इकरामुद्दीन व यासीन फरीदी ने बताया कि इस जुमे की नमाज का उर्दू महीने से कोई ताल्लुक नहीं है। यह हिंदी मास अगहन का है। इसी मास में जब अकाल पड़ा था तब मुसलमानों ने दूसरे जुमे को वरुणा के तट पर नमाज अदा की थी और इसी माह में ही हिंदू भाइयों ने वरुणा के तट पर अपनी कुलदेवी की पूजा की और प्याला मेला लगा था। अगहनी जुमा गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। इसमें किसान गन्ना लेकर आते हैं। गन्ने की खूब बिक्री होती भी होती है।
ज्ञानवापी में दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए हुईं दुआएं
ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज 500 से अधिक नमाजियों ने नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। नमाज के बाद दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए दुआएं की गईं। उलेमा ने तकरीर में सभी से एसआईआर में बीएलओ की मदद करने और जरूरी दस्तावेज देने के साथ उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत कराने को कहा।