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अगहनी जुमा: खुदा की बारगाह में अदा की नमाज, हैंडलूम व पावरलूम रहे खामोश; दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए दुआएं

Sat, 15 Nov 2025 06:04 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Aghani Juma: नमाज अदा करने के लिए ईदगाह में बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के अलावा बावनी, चौतीस, बारहों, पांचों की तंजीम के सरदार और उनके काबीना सदस्य भी पहुंचे थे। दिल्ली धमाके में मृतकों के लिए दुआ की गई।
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पुराना पुल स्थित पुलकोहना में नमाज अदा करते नमाजी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi News: अगहन महीने के दूसरे जुमे को बुनकरों ने मुर्री बंद कर पुलकोहना और चौकाघाट ईदगाह में अगहनी जुमे की नमाज अदा की। शुक्रवार को पुरानापुल स्थित पुलकोहना ईदगाह में बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन उर्फ कल्लू हाफिज की सदारत में अगहनी जुमे की नमाज हुई। 

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बुनकर बाहुल्य इलाकों में हैंडलूम और पावरलूम का शोर नहीं था। क्या बड़े और क्या बच्चे सभी इस रवायती नमाज के लिए ईदगाह पहुंचे थे। पुलकोहना और चौकाघाट ईदगाह में ही अगहनी जुमे की नमाज होती है।

पुलकोहना में मौलाना जहीर ने तकरीर के बाद नमाज अदा करवाई। उन्होंने मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगी। आपस में भाईचारगी और बुनकरों ने कारोबार में बरकत के लिए दुआएं कीं। सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन उर्फ कल्लू हाफिज ने बताया कि यह अगहनी जुमे की नमाज का 465वां साल है। बुनकर बिरादराना तंजीम बाईसी के अलावा बावनी, चौतीस, बारहों, पांचों की तंजीम के सरदार और उनके काबीना सदस्य भी पहुंचे। 

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ईदगाह पर उमड़े अकीदतमंद

उधर, चौकाघाट ईदगाह में सरदार इकरामुद्दीन की सदारत में मौलाना अल्ताफुर रहमान ने नमाज अदा करवाई। गन्ने की खूब बिक्री हुई। पुलकोना ईदगाह में नमाज अदा करने पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, मौलाना शाद, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, हैदर महतो, हासिम, हाजी बाबू, हाजी तुफैल, गुलशन अली आदि पहुंचे थे।

सरदार इकरामुद्दीन व यासीन फरीदी ने बताया कि इस जुमे की नमाज का उर्दू महीने से कोई ताल्लुक नहीं है। यह हिंदी मास अगहन का है। इसी मास में जब अकाल पड़ा था तब मुसलमानों ने दूसरे जुमे को वरुणा के तट पर नमाज अदा की थी और इसी माह में ही हिंदू भाइयों ने वरुणा के तट पर अपनी कुलदेवी की पूजा की और प्याला मेला लगा था। अगहनी जुमा गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है। इसमें किसान गन्ना लेकर आते हैं। गन्ने की खूब बिक्री होती भी होती है।
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ज्ञानवापी में दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए हुईं दुआएं
ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज 500 से अधिक नमाजियों ने नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। नमाज के बाद दिल्ली ब्लास्ट के मृतकों के लिए दुआएं की गईं। उलेमा ने तकरीर में सभी से एसआईआर में बीएलओ की मदद करने और जरूरी दस्तावेज देने के साथ उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत कराने को कहा।
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