अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत सील पेट्रोल पंप चलाने की अनुमति का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि इसका अलग हिसाब रखा जाए, जिसे कोर्ट में पेश किया जाए।
कोर्ट ने कहा बिना प्रशासक नियुक्त किए डीएम को पेट्रोल पंप सील करने का कानूनी अधिकार नहीं है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जब तक प्रशासक नियुक्त नहीं कर लिया जाता तब तक याची को पेट्रोल पंप संचालित करने का निर्देश दिया है।
याची को धारा 16 के तहत दाखिल अर्जी पर कोर्ट में अपनी आपत्ति दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने कहा कि डीएम गाजीपुर संपत्ति की कुर्की कर सकते हैं, लेकिन प्रशासक नियुक्त किए बगैर सील नहीं कर सकते हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र व न्यायमूर्ति एस ए एच रिजवी की खंडपीठ ने फरहत अंसारी की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने बहस की। इनका कहना है कि याची ने 2019 में अपनी कमाई से पेट्रोल पंप स्थापित किया है। गैंगस्टर की संपत्ति से पंप स्थापित होने का आरोप गलत है। याची ने आयकर रिटर्न भी दाखिल किया है।
अपर महाधिवक्ता का कहना था कि संपत्ति कुर्क कर गैंगस्टर कोर्ट को संदर्भित कर दिया गया है और याची ने कोई आपत्ति पेश नहीं की है। याची को डीएम के समक्ष आपत्ति करनी चाहिए थी। जब्त संपत्ति कोर्ट को संदर्भित की गई है, जहां से अवमुक्त कराई जा सकती है। इस पर कोर्ट ने कहा डीएम संपत्ति कुर्क कर सकते हैं, लेकिन सीज करने का अधिकार नहीं है।