जनता को राहत देने के लिए सरकार की तरफ से चलाए जाने वाली योजनाओं का सदैव बंदरबांट करने वाले मिलते हैं। ऐसा ही मामला बुधवार को उजागर हुआ, जांच में किसान सम्मान निधि की रकम डकारने वालों का चेहरा सामने उजागर हुआ। मऊ जिले की मधुबन तहसील क्षेत्र के दुबारी में लेखपाल से मिलीभगत कर किसान सम्मान निधि का फायदा ले रहे पांच लोगों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
केंद्र सरकार किसानों की सहायता के लिए किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत पात्र किसानों को दो हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से उनके खातों में भेजने का प्रावधान था। योजना को लागू करने के साथ सरकार ने पात्रों के लिए कुछ शर्तों को भी लागू किया था। लेकिन विभागीय कर्मचारियों की मिली भगत से कई अपात्र इसका लाभ उठाने लगे।
मधुबन तहसील क्षेत्र के बरोहा दुबारी गांव में कई संपन्न किसान सम्मान योजना का लाभ उठाने लगे थे, जबकि वो इस योजना के लिए पात्र नहीं थे। भेद तब खुला जब गांव के ही एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत डीएम के साथ मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज कराई।
जिलाधिकारी के आादेश पर एसडीएम मधुबन ने इसकी जांच की तो शिकायत सही मिली। उजागर हुआ कि चकबंदी लेखपाल सुदर्शन यादव के द्धारा किए गए सत्यापन के आधार पर गांव निवासी रामाश्रय सिंह, शैलेंद्र सिंह, रमेंद्र सिंह, तथा मीरा सिंह योजना का लाभ उठा रही थीं।
इनके खाते में हर माह इस योजना का पैसा आ रहा था। एसडीएम की तहरीर पर लेखपाल सहित इन सभी पर स्थानीय थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। जिससे क्षेत्रीय लेखपालों सहित कई लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि जानकारों का मानना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो जाए तो अभी कई नाम उजागर हो सकते हैं।