हिंदी के महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद की 137वीं जयंती पर दो दिनी साहित्य-संस्कृति महोत्सव बृहस्पतिवार से शुरू होगा। पांच दशक बाद उनकी जयंती पर साहित्यिक पदयात्रा निकाली जाएगी। तीन विश्वविद्यालयों के कुलपति इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। साहित्यिक संवाद एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डॉ. कविता प्रसाद ने बुधवार को चेतगंज स्थित प्रसाद मंदिर में पत्रकारों को बताया कि पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत साहित्यिक यात्रा से होगी। बृहस्पतिवार को दोपहर 2:30 बजे से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें बीएचयू कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एके त्यागी समेत काशी के साहित्यकार और जनप्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। यात्रा चेतगंज स्थित प्रसाद मंदिर पहुंचकर समाप्त होगी। इस पदयात्रा का संयोजन कविंद्रनारायण, डॉ. रामसुधार सिंह, डॉ. हिमांशु उपाध्याय करेंगे। 30 जनवरी को जयंती उत्सव पर मुख्य आयोजन प्रसाद मंदिर में दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा। साहित्यिक संवाद के अलावा देश के ख्यातिलब्ध कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। महाकवि जयशंकर प्रसाद के साहित्यिक अवदान पर वक्ता विचार रखेंगे।