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वाराणसी में मिला अफगानी: बिना वीजा, पासपोर्ट के मस्जिदों में ठहरा, नागपुर जा रहा था बुजुर्ग; ATS-IB की पूछताछ

Mon, 01 Dec 2025 11:55 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कछवा रोड में चेकिंग के दौरान पुलिस को 62 साल का अफगानिस्तानी बुजुर्ग बिना किसी वैध दस्तावेज के बाइक से सफर करते मिला। उसकी पहचान पीर बादशाह पुत्र शाह आलम, निवासी काबुल अफगानिस्तान के रूप में हुई। उससे पूछताछ की जा रही है।
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अफगानिस्तान निवासी पीर बादशाह। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Varanasi Crime News: बाइक सवार अफगानिस्तान निवासी पीर बादशाह (62) से दूसरे दिन रविवार को भी एटीएस और आईबी ने पूछताछ की। बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश पर एटीएस और आईबी गहनता से जांच कर रही है। 

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मात्र 300 रुपये जेब में लेकर महाराष्ट्र नागपुर जा रहे पीर बहादुर शाह ने बताया कि रास्ते में मस्जिदों और मदरसों में ठहरते और खाते हुए जा रहे हैं। कहीं-कहीं खर्चा भी मिल जाता है। बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर को आईबी खंगाल रही है। पीर बहादुर शाह के पास से बरामद ग्रीन कार्ड और मोबाइल फोन के बारे में एटीएस ने छानबीन की। 

मोबाइल में वोडाफोन का सिम लगा होने और आउटगोइंग बंद होने पर उसने एटीएस को बताया कि फोन सिर्फ आता है। इसका रिचार्ज नहीं कराते हैं।  अफगानिस्तान के काबुल निवासी पीर बहादुर शाह महाराष्ट्र नंबर की बाइक के जरिये कोलकाता से नागपुर जा रहा था। शनिवार की रात पुलिस ने चेकिंग के दौरान उसे पकड़ा और पूछताछ शुरू की। 

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एटीएस और आईबी की टीम कर रही पूछताछ

प्रभारी निरीक्षण प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि बाइक सवार अफगानी से पूछताछ की गई है। उसके पास केवल 300 रुपये मिले थे। पूछा गया कि इतने पैसे में नागपुर (महाराष्ट्र) कैसे पहुंच पाओगे तो उसने बताया कि रास्ते में पड़ने वाली मस्जिदों और मदरसों में ठहरते हैं। वहां  भोजन व खर्चा सब मिल जाता है। 

जब दस्तावेज़ मांगे गए तो उसके पास पासपोर्ट और वीजा नहीं मिला। वह अपनी पहचान और यात्रा संबंधी किसी भी आधिकारिक दस्तावेज नहीं दे सका। उसके पास से एक ग्रीन कार्ड बरामद हुआ, जिसमें नाम पीर बादशाह पुत्र शाह आलम, जन्म तिथि 31 मई 1964 व वैधता वर्ष 2027 दर्ज है। इसके अलावा उसके पास से एक बैग, एक एंड्रायड मोबाइल और 300 रुपये मिले। केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
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