वाराणसी। इलाहाबाद में साथी अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर मिलने के बाद बुधवार की शाम बनारस कचहरी में मौजूद अधिवक्ता उग्र हो उठे। उन्होंने परिसर में जमकर उपद्रव किया। एसएसपी कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और जमकर पत्थर भी चलाए। जब तक पुलिस फोर्स संभलती पथराव शुरू हो गया। दोनों तरफ से जमकर पत्थर चले। बाद में पुलिस ने लाठी पटककर उपद्रवी वकीलों को वहां से खदेड़ दिया। अफरातफरी के बीच वादकारियों और कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। हंगामा करीब आधे घंटे तक चला। मौके का जायजा लेने डीएम प्रांजल यादव और एसएसपी जोगेंद्र कुमार भी पहुंचे।
इलाहाबाद में दरोगा की गोली से वकील की मौत की खबर शाम करीब चार बजे कचहरी में तेजी से फैली। घटना के विरोध में वकील नारेबाजी करते हुए सेंट्रल बार सभागार में पहुंचे। यहां आपात बैठक के बाद घटना के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा करते हुए वे सिविल कोर्ट परिसर पहुंचे। मुख्य गेट पर पुलिसकर्मियों से उनकी तकरार हो गई। यहां वरिष्ठ अधिवक्ताओं की सूझ-बूझ से मामला शांत हुआ। आंदोलित वकील
शाम 4:22 बजे बजे कलक्ट्रेट परिसर स्थित एसएसपी कार्यालय पहुंचे और पथराव शुरू कर दिया। बाहर रखे गमले भी तोड़ डाले। अचानक हुई इस घटना से पुलिसकर्मी अवाक रह गए। पुलिसकर्मियों और वकीलों के बीच धक्कामुक्की हुई। कुछ पुलिसकर्मी कार्यालय के अंदर भागे। थोड़ी ही देर बाद भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हंगामा कर रहे वकीलों को दौड़ा लिया। डीएम कार्यालय के सामने भी पुलिस और वकीलों
के बीच जमकर पत्थर चले। पथराव में एडीएम एलआर, सीआरओ और सिटी मजिस्ट्रेट की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। उपद्रव की सूचना पर कुछ देर में यहां दस थानों की फोर्स पहुंच गई। कचहरी परिसर में पुलिस का घेरा बढ़ने की वजह से वकीलों को पीछे हटना पड़ा। वह अपना कोट और बैग छोड़कर भाग निकले। पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया।