बार काउंसिल ने सरकार से मांग की है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लाया जाए। यह भी मांग की गई है कि पुलिस के रवैये को देखते हुए पुलिस अधिकारियों व अन्य पुलिसकर्मियों को किसी भी न्यायालय परिसर में असलहे लेकर प्रवेश करने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
बार काउंसिल ने यह भी मांग की है कि यूपी अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति से मृतक अधिवक्ताओं के वर्षों से लंबित दावों का निस्तारण कराना सुनिश्चित किया जाए। काउंसिल का कहना है कि सरकार ने नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन भत्ता दिए जाने की घोषणा की थी जो अब तक नहीं दिया जा रहा है। अपने वायदे पर अमल करते हुए सरकार नए अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन भत्ता देना आरंभ करे।
बार काउंसिल ने अधिवक्ता भविष्य निधि की राशि सवा लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की भी मांग की है। बार काउंसिल ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पुलिस फायरिंग में घायल वकीलों को दस-दस लाख रुपये मुआवजा दिलाए जाने की भी मांग की है। बार काउंसिल के उपाध्यक्ष और भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रशांत सिंह अटल ने भी वकीलों से विरोध दिवस मनाने की अपील की है।