मेयर ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठान और यूजर चार्ज वसूलने वाली कंपनी वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन से जवाब-तलब किया। निर्धारित मासिक लक्ष्य की वसूली न कर पाने पर नाराजगी जताई गई। इस पर मेयर ने नाराजगी जताई। साथ ही मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी से कंपनी के भुगतान में कटौती करने के निर्देश दिए।
मुख्य अभियंता को निर्देशित किया गया कि इस बार देव दीपावली के बाद तुरंत नालों की सफाई शुरू कराई जाए। साथ ही मनोरंजन कर विभाग से समन्वय कर सिनेमाघरों से मासिक शुल्क वसूले जाएं।
अपर नगर आयुक्त को बैठक से किया बाहर
कार्यकारिणी की बैठक से पहले ही मेयर ने अपर नगर आयुक्त संगम लाल से कहा कि वे एक महीने से जनता का काम नहीं कर रहे हैं। जब अपर नगर आयुक्त ने अपनी बात कही तो मेयर ने कहा कि ये बहाने हैं। आप बाहर जा सकते हैं।
बजट में आय के मद में ये संशोधन किए गए
- स्टांप ड्यूटी : 15 से 30 करोड़
- दुकानों से किराया : 7 से 8 करोड़
- दुकानदारों का नियमितीकरण शुल्क : 1 से 10 लाख
- पार्किंग शुल्क : 1.5 से 2 करोड़
- सड़क क्षति वसूली : 4 से 6 करोड़
- विविध आय : 10 से 15 लाख
- 14वां वित्त आयोग से आय : 4 से 5.25 करोड़
पब्लिक हेल्थ सर्विलांस यूनिट के लिए पांच करोड़ का प्रावधान
पहली बार मेट्रोपॉलिटन पब्लिक हेल्थ सर्विलांस यूनिट के लिए अलग से 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, दुकानों की जमानत धनराशि को 1 से बढ़ाकर 10 लाख किया गया है। संपत्ति कर में 25 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। यानी 110 करोड़ की जगह 125 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, मेयर ने कहा कि नगर निगम सीमा की सभी बीयर, शराब, मॉडल शॉप आदि दुकानों का शत-प्रतिशत सर्वे करें। इसकी रिपोर्ट कार्यकारिणी की अगली बैठक में रखी जाए। कुल दुकानें कितनी हैं, अब तक कितनी से शुल्क वसूले गए।