बनारस के सबसे सघन इलाके दालमंडी में धड़ल्ले से चोरी छिपे हो रहे अवैध निर्माण की कलई खुलने के बाद बुधवार को वीडीए और पुलिस अधिकारियों की नींद टूटी। आनन-फानन में पहुंचे अधिकारियों ने दालमंडी क्षेत्र के ‘मिल्लत मार्केट’ से मशहूर भवन सहित तीन अवैध निर्माण को सील कर दिया। वीडीए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दशाश्वमेध जोन के छह कर्मचारियेां में एक-एक सुपरवाइजर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित करने के साथ ही तत्कालीन दो अवर अभियंता और एक सहायक अभियंता के खिलाफ निलंबन के लिए शासन से संस्तुति कर दी है।
वहीं तत्कालीन जोनल अधिकारी से इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। वहीं, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और आईजी रेंज दीपक रतन ने स्थलीय निरीक्षण किया। वीडीए के उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सचिव विशाल सिंह और तहसीलदार अविनाश कुमार तथा सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी दलबल के साथ सुबह 11.30 बजे तक दालमंडी में पहुंच गए।
उपाध्यक्ष और सचिव के निर्देश पर जहां बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया था, उसकी पैमाइश कराई गई। वीडीए वीसी ने बताया कि पूरा निर्माण आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट और प्रथम तल का निर्माण कराया गया है। फिलहाल कटरे में 140 दुकानें आवंटित हैं। वहीं बीच दालमंडी मार्ग पर बने एक भवन और दुसरे हड़हासराय और बेनियाबाग बाउंड्री के पास में बन रहे एक भवन को वीडीए ने सील कर दिया। इस दौरान दोपहर तीन बजे तक दालमंडी इलाके में हड़कंप मचा रहा।
भवन स्वामी सीके 67/5,6,7 और 67/7ए, मंसूर अहमद, शहीद अली, शमशेर आलम, अली जान व शायराबानो की ओर से निर्माण कराया जा रहा था। भवन स्वामी की ओर से अंडरग्राउंड बेसमेंट, भूतल और प्रथम तल का अवैध निर्माण हो रहा था।
दालमंडी और हड़हा सराय इलामें भवन संख्या सीके 68/36 राबिया बेगम की ओर से 100 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बेसमेंट, ग्राउंड सहित तीन मंजिले भवन का निर्माण शुरू था। वहीं भवन संख्या सीके 46/38 में मोहम्मद सलीम ग्राउंड के अलावा तीन तल का निर्माण करा रहे थे।