सदस्यों ने कुलपति से कहा कि प्रस्ताव बनाकर डाॅक्टरों की नियुक्तियां तेजी से की जाएं। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को कम परेशानी होगी। अस्पताल में मल्टीलेवल पार्किंग जल्दी तैयार कराई जाए। बैठक में ये भी बात हुई कि तेलुगु प्रोफेसर वेंकटेश्वर लू को हाईकोर्ट ने राहत दे दी है, लेकिन अगली बैठक में इस मामले पर चर्चा कर फैसला लिया जाएगा। चीफ प्रॉक्टर को लेकर बढ़ रही नाराजगी को भी बैठक में उठाया गया, इस पर नियंत्रण की सहमति बनी।
डीएसीपी से डॉक्टरों का प्रमोशन जल्द हो
बैठक में डीएसीपी प्रमोशन देने का फैसला लिया गया। वहीं, उप कुलसचिव वेलू को बीएचयू से हटाने का मुद्दा उठा। अस्पताल की सुविधाओं को विस्तार देने के लिए एक कमेटी बनाई जाए। आधुनिक चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेद से जुड़े डॉक्टरों की डीएसीपी (डायनेमिक एश्योर्ड कॅरियर प्रोग्रेशन) प्रमोशन हो। डॉ. सुशील वैद्य का मामला अंतिम में रखा गया तो ईसी के सदस्यों ने कहा कि इसे पढ़ने का समय दिया जाए। अब तीन महीने पर इस पर चर्चा होगी। वहीं, प्रो. ओमशंकर की पूर्व में चल रही जांच की फाइल की समीक्षा हुई। इस प्रकरण में विवि प्रशासन ने ईसी सदस्यों को बताया कि प्रो. ओमशंकर को एक पत्र देकर जवाब मांगा गया है। 15 दिन में जवाब आ सकता है।