जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम
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वाराणसी जिले के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों से बिना इलाज मरीजों को लौटाए जाने के मामले को डीएम सुरेंद्र सिंह ने गंभीरता से लिया है। चेतावनी दी कि अगर अस्पतालों से बिना इलाज मरीज लौटे तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने अस्पतालों की ओपीडी में अधिक से अधिक मरीजों को देखे जाने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अब तक कोई कार्रवाई न किए जाने पर चिकित्सा विभाग के नोडल अधिकारी को फटकार लगाते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी।
उन्होंने पैथोलॉजी सेंटरों की व्यापक तरीके से जांच करने तथा एक्ट का उल्लंघन करने वाले पैथालॉजी सेंटरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काशी विद्यापीठ की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति खराब मिलने पर इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया।
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पूर्व में दिए गए निर्देश के बाद भी कोई सुधार न होने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि तीन दिन के भीतर स्थिति संतोषजनक न मिलने पर नोटिस जारी किया जाए।
बैठक में बच्चों के टीकाकरण कार्य में सहयोग न देने वाले विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीबी सिंह, मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. बीएन श्रीवास्तव, महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी कुशवाहा सहित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।