बंगाली टोला पूजा पंडाल में फायर कर्मियों के साथ पुलिस आयुक्त
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वाराणसी शहर में महज 110 पूजा पंडालों को ही फायर एनओसी दी गई। जबकि चार सौ से ज्यादा छोटे-बड़े पूजा पंडालों में आग से बचाव के कोई इंतजाम नहीं है। अब हादसे के बाद फायर ब्रिगेड भी जागा है। आग से बचाव को लेकर बालू, पानी और अन्य राहत बचाव के बारे में पंडाल आयोजकों को सचेत किया गया।
रविवार की रात मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने पूजा पंडालों पर आग से बचाव को लेकर निरीक्षण किया। खुले और नंगे तार को तुरंत वायरिंग कराने और कपड़े के ऊपर से गए तारों को अंडरग्राउंड कराया। वहीं, खामियों को तुरंत दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। वहीं, तीन बाइक फायर टेंडर को लगातार घनी आबादी वाले पूजा पंडालों के भ्रमण के लिए निर्देशित किया गया। सोमवार को सभी बडे़ पूजा पंडालों पर आग लगने की स्थिति में क्या करें, इस पर पूर्वाभ्यास किया जाएगा।
अग्निशमन अधिकारियों के अनुसार पूजा पंडाल में प्रवेश और निकास द्वार कम आठ फीट चौड़ा होना चाहिए। फायर उपकरण, बालू भरी बाल्टी और पानी पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए। बिजली के तार पूजा पंडाल में ऊपर नहीं होने चाहिए। पंडाल में सिंथेटिक कपड़ों से परहेज करना चाहिए। जबकि पूजा पंडाल में लगे कपड़ों पर अमोनियम सल्फेट, अमोनियम कार्बोनेट, बोरेक्स और बोरिक एसिड का लेप लगाकर फायर प्रूफ बनाया जा सकता है। पूजा पंडाल में आकस्मिक निकास द्वार भी होना चाहिए।