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इस विश्वविद्यालय का गजब का हालः अश्लील हरकत के आरोपी को भी बना दिया जांच कमेटी का सदस्य

Tue, 17 Oct 2017 03:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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यूपी का एक विश्वविद्यालय अपने एक फैसले को लेकर विवादों में घिर गया है। विश्वविद्यालय में एमबीए की छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले के लिए  जांच कमेटी में अश्लील हरकत के आरोपी शिक्षक को भी सदस्य बनाया गया है। यह विश्वविद्यालय है जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय।
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एमबीए की छात्रा के साथ छेड़खानी के मामले की जांच में विश्वविद्यालय प्रशासन की नीयत साफ नहीं दिख रही है। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मई में एक शिक्षक पर फेसबुक पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था।

अमर उजाला ने जब खबर को प्रकाशित किया तो शिक्षक ने फेसबुक पर माफी मांग कर किनारा कर लिया। इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
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यह मामला ठंडा नहीं हुआ था इसी बीच बीते हफ्ते आईबीएम भवन में एक छात्रा से अश्लील हरकत की घटना हो गई। घटना को लेकर परिसर की छात्राएं एक बार फिर खुद को असुरक्षित महसूस करने लगी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन मामले की जांच में फिर लीपापोती करने की फिराक में है जिसे लेकर परिसर के छात्रों में खासी नाराजगी है।  कुलपति प्रो. राजा राम यादव ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है।


 
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बिना पहचान पत्र के पीयू में नहीं हो सकेंगे दाखिल

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एमबीए की छात्रा से छेड़खानी की जांच के लिए कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इसके अलावा बाहरी लोगों पर रोक के लिए पहचानपत्र के बगैर किसी भी व्यक्ति को विश्वविद्यालय में प्रवेश न देने का निर्देश दिया गया है।

विश्वविद्यालय की प्रबंधन की छात्रा से पिछले दिनों हुई छेड़खानी के बाद प्राक्टोरियल बोर्ड ने परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगायी है। प्राक्टोरियल बोर्ड का कहना है कि बिना परिचय पत्र के किसी भी बाहरी व्यक्ति या शिक्षक, छात्र और कर्मचारी को परिसर में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।

चीफ प्राक्टर डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में आने वाले शिक्षक, विद्यार्थी, कर्मचारी अपना परिचय पत्र अवश्य लाएंगे। प्राक्टोरियल बोर्ड 23 अक्तूबर से परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू करेगा।

इस दौरान बिना परिचय पत्र के यदि कोई भी बाहरी व्यक्ति पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभियान के लिए प्राक्टोरियल बोर्ड खाका तैयार कर रहा है। उधर तीन दिन पूर्व कॉमन रूप में छात्रा से छेड़खानी के मामले की जांच के लिए कुलपति ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
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