चलती-फिरती लैब, 2 हाईटेक वैन से ऑन-स्पॉट जांच
तत्काल रिस्पांस के लिए फील्ड यूनिट को 2 विशेष मोबाइल वाहन सौंपे गए हैं। ये वाहन चलती-फिरती आधुनिक लैब से कम नहीं हैं। ऐसी एडवांस्ड फॉरेंसिक किट और उपकरण मौजूद हैं, जिनसे घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट, ब्लड सैंपल, विस्फोटक अवशेष की तुरंत जांच की जा सकती है। रिपोर्ट आने के लंबे इंतजार के बिना जांच की दिशा तुरंत तय हो जाती है।
केस-1
25 दिसंबर 2025 को शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा पटेल की सिलबट्टे से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। मुंह में कपड़ा ठूंसा गया था। वह घर में अकेली थीं। टीम ने घर के अंदर छानबीन के दौरान जूते के निशान से आरोपी की पहचान की। फॉर्मल जूते पहनकर कातिल मोहित यादव ने लूट के इरादे से वारदात को अंजाम दिया था। टीम ने सीसी कैमरे और जूते के निशान के आधार पर घटना वाले दिन ही मोहित और उसकी पत्नी अंजली चौहान को गिरफ्तार किया था।
केस-2
14 अगस्त 2026 को मंडुवाडीह-लहरतारा मार्ग पर बाइक के शोरूम में चोरी हो गई। फॉरेंसिक टीम ने 7 घंटे में चोरी का पर्दाफाश कर लिया। चोरों ने वारदात से पहले शोरूम में कॉफी बनाई, डांस किया और वॉशरूम में नहाया भी। टोंटी और कॉफी मशीन के फिंगर प्रिंट से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने गाजीपुर से आरोपी को दबोच लिया।
अधिकारी बोले
पारंपरिक पुलिस जांच को आधुनिक वैज्ञानिक आधार मिलने से केस में ठोस सबूत अदालत के सामने पेश किए जा रहे हैं। इससे बेगुनाह फंसने से बच रहे हैं और दोषियों का बचना नामुमकिन हो रहा है। -प्रमोद कुमार, डीसीपी लाइन, वरुणा जोन