बातचीत के दौरान सुभाष ने अपने बेटे को विदेश में नौकरी दिलाने की इच्छा जताई। आरोप है कि चंद्रभूषण ने बेहतर वेतन वाली नौकरी और अच्छा वीजा लगवाकर विदेश भेजने का भरोसा दिया। आरोपी ने वीजा के लिए करीब 90 हजार रुपये खर्च होने की बात कही।
सुभाष चंद ने 10 और 13 मई 2024 को अलग-अलग बैंक खातों से कुल 90 हजार रुपये बताए गए खातों में भेज दिए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद आरोपी लगातार वीजा आने की बात कहता रहा।
24 मई 2024 को व्हाट्सएप पर संपर्क करने पर बताया कि वीजा के नियम बदल गए हैं और अब 1.25 लाख रुपये और देने होंगे। इसके बाद भी वीजा नहीं आया और करीब दो साल तक उसे आश्वासन देकर टालने का आरोप है।
27 अप्रैल 2026 को आरोपी के गांव आने की जानकारी मिलने पर वह अपने बेटे के साथ उसके घर पहुंचा और रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने रकम लौटाने से इन्कार करते हुए उसके साथ धक्का-मुक्की की और दोबारा पैसे मांगने आने पर जान से मारने की धमकी दी।
उसने पहले कोतवाली में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।