वाराणसी। रामनगर के राजकीय संप्रेक्षण गृह में बंदियों के परिजनों से मुलाकात और रिहाई के नाम पर अवैध वसूली का मामला चर्चा में है। आरोप है कि बंदियों से एक बार मुलाकात कराने के लिए 500 रुपये और कोर्ट से रिहाई आदेश आने के बाद भी ढाई से पांच हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। रुपये न देने पर रिहाई में देरी की भी शिकायत है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जौनपुर निवासी दंपती ने आरोप लगाया कि बच्चे से मिलने के लिए मुख्य गेट पर तैनात एक होमगार्ड ने 500 रुपये मांगे। पीड़ित परिवार ने रुपये देकर मुलाकात की। सोमवार को मुलाकात के दिन बड़ी संख्या में परिजन पहुंचते हैं और उसी दौरान वसूली होती है। हत्या जैसे गंभीर मामलों में बंद बालकों की रिहाई के लिए अधिक रकम मांगने की भी चर्चा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि शिकायत आने पर जांच कराई जाएगी। संवाद