शीतल की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। हादसे के बाद कांशीराम आवास योजना के जर्जर भवनों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आवास परिसर में कई भवनों के छज्जे और अन्य हिस्से लंबे समय से जर्जर हैं। इसके बावजूद उनकी मरम्मत और सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से कांशीराम आवास योजना के सभी जर्जर भवनों, छज्जों और अन्य हिस्सों का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में भी इस तरह के हादसे हो सकते हैं। सूचना मिलने पर शिवपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाई। पुलिस मामले की आवश्यक जांच कर रही है।