अर्जी के अनुसार, नौ जून 2024 की रात करीब दो बजे त्रिभुवन सिंह, उपनिरीक्षक लल्लन यादव के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि उसे जबरन थाने ले जाकर चालान कर दिया गया।
पीड़ित के अनुसार, उस समय उसके घर में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और वह अंतिम संस्कार की तैयारी में लगा था। उसने पुलिसकर्मी से शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि उसकी बात नहीं मानी गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।
एससी-एसटी कोर्ट में दाखिल अर्जी के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मेंहनगर थाना प्रभारी अभिराज ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विवेचना के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच की जाएगी।