38% से 50% पहुंचा बैंकों का सीडी रेशियो
कचहरी स्थित स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि लोन देने के साथ ही वाराणसी मंडल का क्रेडिट-डिपाॅजिट (सीडी) रेशियो जो 2021 में करीब 38% था, वह अब बढ़कर 50% के पार पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बैंकों में जमा होने वाले हर 100 रुपये में से 50 रुपये अब ऋण के रूप में बाजार में निवेश हो रहे हैं।
लोग अब बैंक में रुपये जमा करने के साथ-साथ वहां से कर्ज लेकर निवेश भी कर रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में ऋण लेने वाले नए ग्राहकों की संख्या में 22% की वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि व्यावसायिक और एमएसएमई ऋणों में रिकवरी का स्तर पूर्वांचल में उत्तर प्रदेश के औसत से बेहतर (लगभग 92%) रहा है।
इन सेक्टर में लिए अधिक लोन
- एमएसएमई और व्यापार (40% - 45%) : क्षेत्र में सबसे बड़ी लोन राशि बैंकों ने बांटी है। इसमें 10 लाख रूपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक के बिजनेस लोन शामिल हैं।
- पर्सनल और कंज्यूमर लोन (20% - 22%) : इसमें कार लोन और पर्सनल लोन की मात्रा सबसे अधिक रही है। औसत लोन अमाउंट 3 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच रहा।
- हाउसिंग लोन (15% - 18%) : वाराणसी के बाहरी इलाकों में हो रहे विस्तार के कारण औसतन 25 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक के होम लोन की संख्या सबसे ज्यादा रही।