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Varanasi News: वाराणसी मंडल में पांच साल में खुले 15 लाख नए लोन खाते, 22% की दर से बढ़ रहे कर्जदार

Mon, 11 May 2026 04:07 PM IST
Aman Vishwakarma अभिषेक सेठ, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Loan Account: वाराणसी मंडल के चार जिलों में पिछले पांच वर्षों में 15 लाख से अधिक लोन खाते खुले हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 के 9200 करोड़ रुपये के मुकाबले 2025-26 में ऋण वितरण बढ़कर 18,500 करोड़ रुपये पहुंच गया। पर्यटन, एमएसएमई और हाउसिंग सेक्टर में सबसे अधिक लोन दिए गए, जबकि महिला उद्यमियों की हिस्सेदारी 40 फीसदी तक पहुंच गई है।
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वाराणसी मंडल में पांच साल में खुले 15 लाख नए लोन खाते। - फोटो : Istock
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विस्तार
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Varanasi News: वाराणसी मंडल के चार जिलों में पिछले पांच वर्षों में 15 लाख से ज्यादा लोन खाते खुले हैं। बैंकों से कर्ज लेकर उद्योग स्थापित करने और रोजगार करने वालों की संख्या में हर साल 20-22 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। 

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राज्य स्तरीय बैंक समिति (एसएलबीसी) और वार्षिक ऋण योजना (एनुअल क्रेडिट प्लान) के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2021-22 में लोन लेने वालों का आंकड़ा 9200 करोड़ रुपये का था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 18500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वाराणसी मंडल में बांटे गए कुल लोन में महिला उद्यमियों की हिस्सेदारी लगभग 40% तक पहुंच गई है, जो पांच साल पहले मात्र 12%-15% थी।
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बैंक अधिकारी बताते हैं कि कोरोना काल के बाद अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए लोगों को मुद्रा और पीएम स्वनिधि योजना के तहत छोटे लोन तेजी से दिए गए। वहीं, 2025-26 में लोगों पर्यटन सेक्टर में रोजगार के लिए सबसे अधिक लोन लिया है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, होम स्टे समेत छोटे उद्योगों के लिए आए आवेदनों के तहत लोन बांटे गए हैं। 

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38% से 50% पहुंचा बैंकों का सीडी रेशियो
कचहरी स्थित स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि लोन देने के साथ ही वाराणसी मंडल का क्रेडिट-डिपाॅजिट (सीडी) रेशियो जो 2021 में करीब 38% था, वह अब बढ़कर 50% के पार पहुंच गया है। इसका मतलब है कि बैंकों में जमा होने वाले हर 100 रुपये में से 50 रुपये अब ऋण के रूप में बाजार में निवेश हो रहे हैं।

लोग अब बैंक में रुपये जमा करने के साथ-साथ वहां से कर्ज लेकर निवेश भी कर रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में ऋण लेने वाले नए ग्राहकों की संख्या में 22% की वृद्धि हुई है। खास बात यह है कि व्यावसायिक और एमएसएमई ऋणों में रिकवरी का स्तर पूर्वांचल में उत्तर प्रदेश के औसत से बेहतर (लगभग 92%) रहा है।
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इन सेक्टर में लिए अधिक लोन
  • एमएसएमई और व्यापार (40% - 45%) : क्षेत्र में सबसे बड़ी लोन राशि बैंकों ने बांटी है। इसमें 10 लाख रूपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक के बिजनेस लोन शामिल हैं।
  • पर्सनल और कंज्यूमर लोन (20% - 22%) : इसमें कार लोन और पर्सनल लोन की मात्रा सबसे अधिक रही है। औसत लोन अमाउंट 3 लाख रुपये से 15 लाख रुपये के बीच रहा। 
  • हाउसिंग लोन (15% - 18%) : वाराणसी के बाहरी इलाकों में हो रहे विस्तार के कारण औसतन 25 लाख रुपये से 50 लाख रुपये तक के होम लोन की संख्या सबसे ज्यादा रही।
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